घाट (चमोली)। चमोली जिले के सुतोल, पलटिंगधार और पेरी गांवों के ग्रामीण लोनिवि की लापरवाही से जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। यहां विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से हिल कटिंग कार्य पूर्ण होने के आठ वर्षों बाद भी पलटिंगधार-सुतोल सड़क का डामरीकरण नहीं हो सका है। ऐसे में बारिश के मौसम में जहां सड़क दलदल में तब्दील हो रही है। वहीं सामान्य दिनों में यहां ग्रामीण गढडों भरी सड़क पर हिचकोले खाकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।
बता दें, लोनिवि के कर्णप्रयाग खंड की ओर से घाट ब्लॉक की पलटिंगधार-सुतोल सड़क की हिल कटिंग का कार्य वर्ष 2011-12 में पूर्ण कर लिया गया था। लेकिन उसके बाद से सड़क के पलटिंगधार से सुतोल 14 किमी हिस्से का डामरीरकरण नहीं किया गया है। जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतें हो रही हैं। वहीं सड़क पर डामरीकरण व अन्य सुरक्षा कार्य न होने से वर्तमान तक परिवहन विभाग ने सड़क पर वाहन संचालन की अनुमति भी नहीं दी गई है। ऐेसे में यहां पलटिंगधार, पेरी और सुतोल गांवों की 2 हजार से अधिक की आबादी जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रही है। ग्राम प्रधान राजपाल कुमार, उप प्रधान कमल सिंह, बख्तावर सिंह व लक्ष्मण सिंह नेगी का कहना है कि सड़क छरवाल गाड़ और पूरनी तोक में बेहद खतरनाक हो गई है। जहां बड़ी दुर्घटना की संभावना बनी हुई है। बताया कि कई बार मामले में लोनिवि और जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई है। लेकिन वर्तमान तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
घाट-सुताल सड़क के 14 किमी हिस्से के डामरीकरण के लिये थराली विधायक के निर्देश पर साढे आठ करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया है। साथ ही सड़क के डामरीकरण की स्वीकृति के लिये उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। उच्चाधिकारियों की स्वीकृति और प्रस्तावित बजट का आवंटन होते ही सड़क का डमरीकरण व सुधारीकरण कार्य करवाया जाएगा।
पीसी जोशी, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, कर्णप्रयाग।
