शेयर करें !
posted on : May 28, 2026 7:14 pm

गोपेश्वर (चमोली)।  दशोली ब्लाॅक के पिलंग गांव के जंगलों में भी गुरूवार को आग धधक उठी। इसके चलते काफी वन क्षेत्र आग की जद में आ गया। आग को बुझाने के लिए ग्रामीणों ने मोर्चा संभाला और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।

चमोली जिले के अन्य जंगलों की तरह गुरूवार प्रातः पिलंग गांव के जंगल पर भी किसी असमाजिक तत्व की नजर पड़ गई। तत्काल जंगल को आग के हवाले कर दिया गया। देखते ही देखते काफी वन क्षेत्र आग की लपटों में धधकने लगा। ग्रामीण तत्काल आग बुझाने को जंगल में उतरे। दशोली के पूर्व प्रमुख नंदन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में ग्रामीणों ने वनाग्नि पर काबू करने के लिए मोर्चा संभाला। इस दौरान सभी ग्रामीण जंगल में आग को बुझाने में जुट गए। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इस तरह ग्रामीणों के प्रयासों से एक बड़ा जंगल खाक होने से बच गया। पूर्व ब्लाॅक प्रमुख ने अन्य इलाके के ग्रामीणों को भी वनाग्नि नियंत्रण के लिए साझा प्रयास करने का आह्वान किया। उनका कहना था कि मौजूदा दौर में जिस तरह सर्वत्र जंगल आग की लपटों से धधक रहे है उसके चलते अमूल्य वन संपदा तो नष्ट हो रही है अपितु पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है। यह उत्तराखंड की सेहत के लिए विनाशकारी साबित हो रहा है। इसलिए पिलंग के ग्रामीणों ने आग बुझा कर सामूहिक चेतना का परिचय भी दिया है। हालांकि दशोली ब्लाॅक में ही तमाम जंगल आग की लपटों में धधक रहे हैं। धूंध इस कदर बढ़ गई है कि हर तरफ अंधेरा सा पसरा हुआ है। विजिविल्टी इस कदर न्यून हो गई है कि अब तो नजदीक से भी कुछ नहीं दिखाई दे रहा है। इससे आंखों पर भी बल पड़ता जा रहा है और आग की जद में आए जंगलों के समीपवर्ती गांवों के लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
शेयर करें !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!