गोपेश्वर (चमोली)। जिला पंचायत चमोली के अध्यक्ष को लेकर आरोप और प्रत्यारोपों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब बदरीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट भी इस मामले में कूद पड़े है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री और पंचायत राज मंत्री से वार्ता कर मांग की है कि जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत के जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी पर लगाये गये गंभीर आरोपों की जांच की जानी चाहिए तथा जब तक जांच प्रक्रिया चलती है तब तक अध्यक्ष के सभी अधिकार सीज किये जाने चाहिए।
गौरतलब है कि बीते दिनों जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने जिला पंचायत अध्यक्ष पर नंदा देवी राजजात यात्रा के दौरान किये गये कार्यों के टेंडर प्रक्रिया में भारी अनियमतिता अपनाने का आरोप लगाया था। जिस पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने प्रेस वार्ता कर उनके आरोपों का खंडन कर इससे जिला पंचायत की छवि धूमिल किये जाने का षडयंत्र बताया था।
विधायक ने कहा कि जिला पंचायत जिले का सबसे बड़ा सदन है और इसी सदन के निर्वाचित उपाध्यक्ष ने जिला पंचायत अध्यक्ष पर जो आरोप लगाये गये है उनकी जांच होनी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने गलत आरोप लगाये है तो जिला पंचायत के कांग्रेस के सदस्यों ने उनके विरूध अभी तक अविश्वास का प्रस्ताव क्यों नहीं लाया गया है यह एक सोचनीय विषय है। उन्होंने कहा कि जिस नंदादेवी राजजात यात्रा के टेंडर प्रक्रिया में जिला पंचायत अध्यक्ष स्वयं को प्रशासन की जांच में क्लीन चिट दिये जाने के बात कर रही है। उस पर उनका कहना था कि प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वयं के बचाव में वित्तीय अनियमिता न होने की बात कही गई है। जबकि आरोप ये है कि जिला पंचायत ने टेंडर प्रक्रिया का ही उल्लंघन किया है। टेंडर में कम धनराशि पर कार्य करने वाले को ठेका देने के बजाय अधिक धनराशि भरने वाले को ठेका दिया गया है। जो टेंडर प्रक्रिया का उल्लंघन है और उसकी जांच होनी चाहिए।
विधायक ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत में वर्तमान समय में बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र लिये हुए कार्य करवाये जा रहे है और कार्य स्थल पर धनराशि का उल्लेख का कोई पट्टिका भी नहीं लगायी जा रही है। यही नहीं 32 कार्य ऐसे है जिन पर कार्य समाप्त हो गया है पर ठेकेदारों को भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की प्राकाष्ठा कांग्रेस के जमाने से चली आ रही है। जब पूर्व काबीना मंत्री सरकार में थे उस समय के कई ऐसे कार्य है जिनका भुगतान हो चुका है लेकिन धरातल पर कुछ नहीं है। इन सब की भी जांच की जानी चाहिए। एक सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि यदि पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी भाजपा में आते है तो उनका स्वागत है। लेकिन वे भाजपा में कभी नहीं आ सकते है इसका उन्हें पूरा विश्वास है। इस मौके पर भाजपा के जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, मीडिया प्रभारी महावीर रावत आदि मौजूद थे।
