Category: धार्मिक

धर्म

भलि केन जाया गौरा तू अपणा कैलाश…, बारिश पर भारी आस्था

गोपेश्वर (चमोली)। भलि केन जाया गौरा तू अपणा कैलाश…, ध्याण तू जशीलि व्हे रेई, अपणा मैत्यों पर छत्र-छाया बणाई रेई… पारंपरिक लोकगीत और जागरों की गूंज के बीच सोमवार को…

नंदा की डोलियों का पड़ावों पर हुआ स्वागत, जागरों से दी अगले पड़ाव की विदाई

गोपेश्वर (चमोली)। 12 साल के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर पूरा पहाड़ नंदा के जयकारों से गूंज उठा है। मां नंदा की डोलियां जैसे-जैसे अपने कैलाश की ओर…

मेरी मैत की ध्याणी, तेरू बाटू हेरदू रोलुः कैलाश को चली मां नंदा की डोली

बेटी की विदाई के गीतों के बीच छलकी ध्याणियों की आंखें, कुरुड़ से तीन डोलियां पौराणिक यात्रा पथों पर रवाना गोपेश्वर (चमोली)। 12 साल के लंबे इंतजार के बाद शनिवार…

पंजप्यारों की अगुवाई में पहला जत्था हेमकुंड साहिब रवाना

गोपेश्वर (चमोली)। शनिवार को सिखों के प्रमुख धाम हेमकुंड साहिब के कपाटोद्घाटन के लिए पंजप्यारों के नेतृत्व में श्रद्धालुओं का पहला जत्था गोविंदघाट से रवाना हो गया है। पंजप्यारों की…

आम श्रद्धालुओं के दर्शनों को खुले मदमहेश्वर मंदिर के कपाट

उखीमठ (रुद्रप्रयाग)। द्वितीय केदार मदमहेश्वर मंदिर के कपाट पारंपरिक रीति रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत रूप से श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाटोत्सव के अवसर पर मंदिर…

राम कथा में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के हनुमान मंदिर छिनका मठ में आयोजित राम कथा के तीसरे दिवस पर कथाव्यास आचार्य शैलेन्द्र सती ने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग…

हर-हर महादेव के जयघोष के बीच खुले चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट

गोपेश्वर (चमोली)। उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित चतुर्थ केदार श्री रुद्रनाथ मंदिर के कपाट सोमवार को वैदिक रीति-रिवाजों, मंत्रोच्चारण और धार्मिक परंपराओं के साथ आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए…

बम-बम भोले के जयकारों के बीच बाबा रुद्रनाथ की डोली मूल धाम रवाना

गोपेश्वर (चमोली)। गोपेश्वर की पावन धरा रविवार को भक्ति, आस्था और शिवमय वातावरण से सराबोर हो उठी, जब पंच केदारों में चतुर्थ केदार भगवान श्री रुद्रनाथ जी की उत्सव डोली…

रम्माणः परंपरा, आस्था और लोकनाट्य का जीवंत संगम

गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति में कुछ परंपराएं केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामूहिक स्मृति और पहचान का हिस्सा भी हैं। चमोली जिले के सलूड-डूंगरा में आयोजित रम्माण ऐसा ही…

यूनेस्को धरोहर ‘रम्माण’ के रंग में रंगा सलूड-डुंग्रा गांव

गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहरों में रम्माण मेला एक अद्वितीय पहचान रखता है। चमोली जिले के सलूड-डुंग्रा गांव में आयोजित इस मेले ने एक बार फिर लोक परंपरा और…

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