गोपेश्वर (चमोली)। केंद्रीय विद्यालय गोपेश्वर में केंद्रीय विद्यालय संगठन के 59वें स्थापना-दिवस समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि, स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर के प्राचार्य डॉ. आरके गुप्ता, विशिष्ट अतिथि क्रांति भट्ट, विशिष्ट अतिथि अखिलेश कुकरेती, सहायक प्राध्यापक, स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर और विद्यालय प्राचार्य सचिन कुमार सिंह राठौर ने मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप-प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया ।
बुधवार को कार्यक्रम के आरम्भ में सरस्वती-वंदना-नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति विद्यालय की छात्राओं की ओर से दी गई। तत्पश्चात प्राचार्य सचिन कुमार सिंह राठौर ने मुख्य-अतिथि तथा विशिष्ट अतिथियों को पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका सम्मान व स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में स्थापना से लेकर वर्तमान तक विद्यालय निरंतर प्रगति-पथ पर अग्रसर है और अभी बहुत प्रगति-सौपान तय करने बाकी हैं तथा सभी उपस्थित महानुभावों को आश्वस्त किया कि आने वाले समय में हम केंद्रीय विद्यालय गोपेश्वर को चमोली जनपद के श्रेष्ठ विद्यालय के रूप में स्थापित करने का संकल्प लेते हैं। साथ ही उन्होंने अभिभावकगण को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। विद्यालय की छात्राओं ने आगंतुक अतिथियों के सम्मान में स्वागत गीत प्रस्तुत किया। विद्यालय के हिंदी-शिक्षक घनश्याम ने सभी को केंद्रीय विद्यालय स्थापना-प्रतिज्ञा दिलवाई। छात्रा अनुष्का विश्वकर्मा ने केंद्रीय विद्यालय संगठन के बारे में जानकारी दी। केंद्रीय विद्यालय गीत ‘भारत का स्वर्णिम गौरव केंद्रीय विद्यालय लाएगा’ की प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया। अध्यापक आजाद सिंह ने विद्यालय की प्रगति बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने विद्यालय की शैक्षिक, खेल और विज्ञान की जिला व राज्य-स्तर की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। छात्राओं ने कुमाऊँनी नृत्य की शानदार प्रस्तुति ने सारे वातावरण को हर्षोल्लास से भर दिया ।
विशेष आमंत्रित अतिथि क्रांति भट्ट ने छात्रों को पूर्व राष्ट्रपति कलाम साहब के जीवन से सीख लेने और तीन डी-डिवोशन, डेडिकेशन, डिटरमिनेशन को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि अखिलेश कुकरेती ने छात्रों को नए लक्ष्य निर्धारित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय संगठन एक कल्पवृक्ष है, जिसकी हम शाखाऐं हैं और अपना सर्वोत्तम देने के लिए सभी को प्रेरित किया। मुख्य अतिथि डॉ. आरके गुप्ता ने अपने सम्बोधन में कहा कि संघर्ष व्यक्तित्व के विकास के लिए आवश्यक है। साथ ही प्रतिदिन कुछ नया सीखने के लिए छात्रों को प्रेरित किया और शिकायत करने की बजाय अपनी कमजोरियों को ढूंढने और उनमें सुधार करने के लिए कहा। इस मौके पर विद्यार्थियों ने विभिन्न कार्यक्रमों में शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का सफल संचालन छात्रा नेहा और प्राची ने किया।
