गोपेश्वर (चमोली)। तपोवन-रैणी आपदा में प्रभावित, मृत एवं लापता लोगों को सहायता धनराशि देने के लिए ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट कंपनी की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई न करने तथा राहत, बचाव एवं खोज कार्यो मे जिला प्रशासन का सहयोग न देने पर जिलाधिकारी चमोली स्वाति एस भदौरिया ने न्यू इण्डिया एश्योरेंस कंपनी से रैणी मे ऋषि गंगा कंपनी के सभी दावो पर तत्काल रोक लगाने को कहा। ताकि ऋषि गंगा कंपनी के माध्यम से प्रभावित लोगों को प्राथमिकता पर शीघ्र सहायता धनराशि मिल सके।
जिलाधिकारी ने न्यू इण्डिया एश्योरेंस कंपनी के उप महा प्रबंधक को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि रैणी एवं तपोवन क्षेत्र में आपदा के कारण ऋषि गंगा का पावर प्रोजेक्ट क्षतिग्रस्त हो जाने से इस क्षेत्र के स्थानीय लोगों के साथ ही पावर प्रोजेक्ट पर कार्य करने वाले लोग इस भीषण आपदा की चपेट मे आ गए थे, जिसमें बडी जन धन की हानि हुई है। जिला प्रशासन ने यहां पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। अभी भी कई लोग लापता है जिनके खोज एवं बचाव का कार्य जारी है। लेकिन ऋषि गंगा पर बन रहे पावर प्रोजेक्ट के लोगों के की ओर से इस घटना के बाद से कोई सहयोग नही दिया जा रहा है। पावर प्रोजेक्ट कंपनी की ओर से किसी भी दावे के निस्तारण के लिए ना तो कोई कार्रवाई की गयी है और ना कोई प्रयास किए जा रहे है। जबकि प्रभावित लोगों के दावों का निराकरण पावर प्रोजेक्ट कंपनी की ओर से किया जाना नितांत आवश्यक है। प्रभावित लोगो के दावों का निस्तारण न होने के कारण इस पावर प्रोजेक्ट के प्रति लोगों मे असंतोष व्याप्त है। इसको ध्यान में रेखते हुए जिलाधिकारी ने न्यू एश्योरेंस कंपनी को रैणी क्षेत्र में ऋषि गंगा प्रोजेक्ट के सभी दावो पर रोक लगाने को कहा है ताकि प्रभावित लोगों के दावो का शीघ्र सेटलमेंट हो सके।
