गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के कर्णप्रयाग महाविद्यालय में बुधवार को एक भारत, श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत एनएसएस के स्वयं सेवकों ने उत्तराखंड और कर्नाटक के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी।
महाविद्यालय प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए प्राचार्य प्रो. केएल तलवाड़ ने कहा कि यह कार्यक्रम भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की एक पहल है। यह देश के विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक दूरी कम करने का एक सराहनीय प्रयास है। इतिहास विभाग के प्राध्यापक डाॅ. वेणीराम अन्थवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में कर्नाटक राज्य, जिसे उत्तराखण्ड के साथ संबद्ध किया गया है, के खान-पान, सांस्कृतिक परिवेश और पर्यटन की जानकारी स्लाइड शो के माध्यम से दी। छात्रा प्रज्ञा ने अपने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से उत्तराखण्ड और कर्नाटक के विभिन्न पहलुओं पर तुलना करते हुए जानकारी दी। वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डा.चन्द्रावती टम्टा ने बताया कि समय-समय पर एक भारत, श्रेष्ठ भारत के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। कार्यक्रम अधिकारी डा.चन्द्र मोहन जनस्वाण और डा.हिना नौटियाल ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से कर्नाटक और उत्तराखण्ड की संस्कृति का आदान-प्रदान होगा और इससे विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।
