गोपेश्वर (चमोली)। अतिक्रमण के नाम पर गरीबों को बेदखली किये जाने के साथ ही अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को भारत की कम्यूनिस्ट पाटी माक्र्सवादी (सीपीएम) ने जिला मुख्यालय गोपेश्वर में प्रदर्शन कर तिराहे पर एक जनसभा की तथा जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा।
सीपीएम ने शुक्रवार को मुख्य डाकघर से लेकर गोपीनाथ मंदिर तथा वापसी गोपेश्वर तिराहे तक विभिन्न मांगों को लेकर जुलूस प्रदर्शन किया। तिराहे पर एक जनसभा भी आयोजित की गई जिसमें सीपीएम के राज्य मंत्री परिषद के सदस्य गंगाधर नौटियाल ने कहा कि एक ओर सरकार पूंजी पतियो को कौडियों के भाव प्रदेश की बेसकीमती भूमि दे रहे है जिसका उदाहरण अल्मोडा में जिंदल कंपनी को दी गई भूमि है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में अतिक्रमण के नाम पर लाखों परिवारों को सरकार की ओर से नोटिस जारी कर अतिक्रमण की भूमि खाली करवाने के आदेश जारी किये है। उनका कहना था कि प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार की ओर से चारधाम सड़क परियाजना, भारत माला सड़क परियोजना, रेलवे परियोजना के नाम पर हजारों एकड भूमि अधिग्रहण कर दी गई है। जिस कारण प्रदेश के हजारों किसान भूमिहीन हो गये है। लाखों युवा बेरोजगार हो गये है। बढ़ती मंहगाई से आम जन का जीन दूभर हो गया है। और सरकार अपने झूठे विज्ञापनों पर लाखों रुपया पानी की तरह बहा रही है। उनका यह भी आरोप था कि अवैध कब्जे के नाम पर प्रदेश के नगरों और शहरों में ठेली, खुमचों में अपना रोजगार कर रहे लोगों को भी ठेली हटाने के निर्देश दिए गये है। सरकार की इस जन विरोधी नीतियों का उनकी पार्टी घोर विरोध करती है और इस पर रोक लगाने की मांग भी करती है। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से मुख्य को दिए ज्ञापन में भी तमाम समस्याओं को रखा गया है जिनके निराकरण की भी सरकार से मांग की गई है। इस मौके पर ज्ञानेंद्र खंतवाल, भूपाल सिंह रावत, मदन मिश्रा, मोहन सिंह रावत, पुष्पा किमोठी, देवेंद्र खनेडा, जीतेंद्र मल, इंदू कंडारी, शकुंतला देवी, गजे सिंह बिष्ट, गीता बिष्ट आदि ने अपने विचार रखे।
सरकार की उठाई मांग
प्राकृतिक आपदाओं की रोकथाम के लिए यहां की भौगोलिक और भूगर्भीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सत्त, टिकाऊ एवं समावेशी विकास की दूरगामी नीति अपनाई जाय।
भूमिहीन लोगों को जमीन और मकान उपलब्ध कराओ। वर्षों से सरकारी और वन भूमि पर बसे, काबिज लोगों को उजाड़ना और उनकी बेदखली पर रोक लगे। प्रदेश में सर्व समावेशी विकास के लिए व्यापक भूमि बन्दोवस्त सुनिश्चित करो।
चैतरफा कमरतोड़ महंगाई पर रोक लगाओ तथा जीएसटी की बढ़ी हुई दरें वापस लो।
मजदून विरोधी श्रम कानून को अविलम्ब वापस लो।
किसानों के ऋण माफ करो, सभी फसलों के लिए कानून बना कर न्यूनत्तम समर्थन मूल्य मिलने की गारन्टी दो।
सबको निशुल्क शिक्षा, स्वास्थ्य की गारन्टी दो तथा सरकारी सस्ते गल्ले के माध्यम से केरल की तर्ज पर आवश्यक उपभोग की वस्तुएं सस्ते दाम पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करो।
मनरेगा का शहरी क्षेत्रों तक विस्तार करो प्रत्येक परिवार को 200 दिन का रोजगार दिया जाए।
जंगली जानवरों से आम आदमी किसानों के पालतू जानवरों व फसलों की सुरक्षा तथा बाजार भाव से मुआवजा और जन हानि की दशा में मोटर दुर्घटना प्रतिकर की तर्ज पर कानून बनाकर मुआवजा देना सुनिश्चित करो।
आंगनवाड़ी, आशा, भोजन माताओं को राज्य कर्मचारी घोषित करो।
केन्द्र और राज्य सरकारों के कर्मचारियों की भर्ती पर लगी रोक खत्म करो तथा समाप्त किये गये पदों को पुर्नजीवित करो।
बेरोजगारी रोकने के ठोस उपाय करने के साथ ही केन्द्र और राज्य सरकार के रिक्त पड़े सारे पदों पर स्थाई भर्तियां करो।
