एनएसयूआई के छात्रों का आरोपः कहा महाविद्यालय को राजनीति का अड्डा बनाने का हो रहा प्रयास
गोपेश्वर (चमोली)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में शिक्षक-अभिभावक संघ के गठन को लेकर एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने सवाल खड़े किये हैं। संघ के गठन में मनमानी का आरोप लगाते हुए बुधवार को संगठन के कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर प्राचार्य का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन से छात्रों के अभिभावकों में से संघ पदाधिकारियों के चयन की मांग उठाई है। उनका कहना था कि जिस तरह से एक पार्टी विशेष के लोगों को बुलाकर उनको जिम्मेदारियां सौंप दी उससे लग रहा है कि महाविद्यालय को राजनीति का अड्डा बनाया जा रहा है।
बता दें कि मंगलवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर की ओर से शिक्षक-अभिभावक संघ की बैठक आयोजित की गई। जिसके संघ की नई कार्यकारणी का गठन किया गया। ऐसे में अब एनएसयूआई ने सरकार के दबाव में पार्टी विशेष के लोगों को संघ पदाधिकारी चुनने का आरोप लगाया है। एनएसयूआई के विपिन फरस्वाण का कहना है कि संघ के अध्यक्ष में चुने गये जिला पंचायत सदस्य विक्रम बत्र्वाल के पाल्य महाविद्यालय में अध्ययनरत नहीं है। लेकिन यहां महज 11 अभिभावकों की मौजूदगी में उन्हें अध्यक्ष चुना कहा है। जबकि अन्य अभिभावक जिनके पाल्य महाविद्यालय में अध्ययनरत हैं, उनकी अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय प्रशासन को तत्काल नियमों के अनुरुप कार्रवाई करते हुए मामले में सुधार करना चाहिए। पुतला दहन करने वालों में एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष संदीप नेगी, सूर्या पुरोहित, रोहित फरस्वार्ण, नितिन नेगी, पंकज बिष्ट, सुमित फरस्वार्ण आदि मौजूद थे।
इधर प्रभारी प्राचार्य डा. मनोज उनियाल का कहना है कि शिक्षक-अभिभावक संघ के चुनाव के लिये 26 जनवरी को सूचना जारी की गई थी। जहां सूचना सूचना पट्ट पर चस्पा की गई थी। वहीं प्रवक्ताओं के माध्यम से अभिभावकों को भी भेजी गई थी। लेकिन बावजूद इसके महज 11 लोग ही बैठक में उपस्थित हुए, ऐसे में स्थानीय अभिभावक के आधार पर सर्वसम्मति से संघ का गठन किया गया है।
