गोपेश्वर (चमोली)। गोपेश्वर नगर में पालिका प्रशासन के स्वच्छता के दावों को नगर के दूषित जल निकासी के लिये बनाये गये नाले मुंह चिढा रहे हैं। यहां पालिका की ओर से नालों की सफाई को लेकर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किये गये हैं। वहीं नगर के नालों में कई स्थानों पर लोगों ओर से सीवर बहाया जा रहा है। जिससे यहां गर्मी बढने के साथ ही मोहल्लों में दुर्गंध से जहां स्थानीय लोग परेशान हैं। वहीं यहां बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।

गोपेश्वर में दूषित पानी की निकासी के लिये सात नालों का निर्माण किया गया है। जिनकी सफाई का जिम्मा नगर पालिका परिषद गोपेश्वर के पास है। लेकिन पालिका की ओर से नालों की सफाई को लेकर कोई पुख्ता इंतजाम न होने से नालों में कूड़े के अम्बार लगे हैं। जबकि कई स्थानों पर कूड़े पर काला बांस उग आया है। ऐसे में नालों के रुक रहे पानी से यहां आस-पास दुर्गंध फैलने लगी है। वहीं गर्मी बढने से यहां मच्छरों के साथ ही अन्य बीमारी फैलाने वाले किटाणुओं के पनपने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासी चरण सिंह और तेजेंद्र सिंह का कहना है कि मामले में नगर पालिका के अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं की जा सकी है। जिससे नगरवासियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड रहा हैं।
नगर के नालों के सफाई के लिये रोटेशन पर कार्य योजना बनाई गई है। यदि कंहीं नालों में कूड़ा साफ नहीं किया गया है तो इसे दिखवाया जाएगा और तत्काल नालों की सफाई करवाई जाएगी।
अनिल पंत, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद चमोली-गोपेश्वर।
