गोपेश्वर (चमोली)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला मुख्यालय गोपेश्वर में बुधवार को जनपद स्तरीय आशा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की मुख्य अतिथि जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने जिले में सराहनीय कार्य करने वाली आशाओं, आशा फैसिलिटेटर तथा आशा ब्लाक समन्वयक को प्रशस्ति पत्र, मेडल एवं प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर नुक्कड नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि आशा समुदाय और स्वास्थ्य विभाग की एक मजबूत कड़ी है, जो समुदाय और स्वास्थ्य को जोड़ने में सेतु का काम करती है और स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित योजनाओं, नियमित टीकाकरण, जननी सुरक्षा योजना और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने में भी आशा कर्मियों की अहम भूमिका है। जिलाधिकारी ने कहा कि सीमांत जनपद चमोली की दुर्गम परिस्थितियों के बीच मुश्किलों का सामाना करते हुए सभी आशाओं ने कोविड महामारी की रोकथाम में भी बेहतर कार्य किया है और अब कोविड वैक्सीनेशन में भी जनपद में अच्छा कार्य चल रहा है। जिलाधिकारी ने सम्मेलन में आशा, आशा फैसिलिटेटर और आशा ब्लाक समन्वयक को क्रमश पांच हजार, तीन हजार और एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि, प्रशस्ति पत्र व मेडल देकर सम्मानित किया। इस अवसर सीएमओ डा. जीएस राणा, एसीएमओ डा. एमएस खाती, एसीएमओ डा. उमा रावत, नर्सिंग काॅलेज गोपेश्वर की प्रधानाचार्य ममता कपरवाण आदि मौजूद थे।
ये हुए सम्मानित
उत्कृष्ट कार्याे में देवाल ब्लाक के चैर गांव की आशा चन्द्रादेवी को प्रथम, पोखरी ब्लाक के कुजांसू गांव की आशा सुशीला देवी को द्वितीय और थराली ब्लाक की लोल्टी गांव की आशा पार्वती देवी को तृतीय स्थान मिला। आशा फैसिलिटेटर में जोशीमठ ब्लाक की सुधा बुरफाल को प्रथम, दशोली ब्लाक की किरन बिष्ट को द्वितीय तथा कर्णप्रयाग ब्लाक की मुन्नी भण्डारी को तृतीय स्थान मिला। जबकि गैरसैंण की आशा ब्लाक समन्वयक शकुन्तला पंवार को पहला स्थान मिला। इन सभी को प्रशस्ति पत्र, प्रोत्साहन राशि एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया।
