गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले में डा. भीमराव अंबेडकर की 130वीं जयंती धूमधाम के साथ मनायी गई। जिला मुख्यालय गोपेश्वर में बस स्टेशन पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें सभी ने अंबेडकर के आदर्शों पर चलने के साथ ही संविधान के बताये मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
गोपेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि गोपेश्वर के प्रधान डाकघर के डाक अधीक्षक जीडी आर्य ने कहा कि बाबा साहेब किसी एक धर्म का मजहब के नहीं है। उन्होंने संविधान निर्माण के समय सभी वर्गों के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए संविधान का निर्माण किया था। आज उन्हीं की बदौलत हर वर्ग का आदमी समाज में गर्व के साथ अपना जीवन निर्वहन कर रहा है। उन्होंने कहा कि खास कर दलित समाज तो उनका ऋणी है। उन्हें के कारण दलित वर्ग के लोग समाज के लोगों को बेहतर शिक्षा के साथ बेहतर जीवन जीने का हक मिला है। उन्होंने इस मौके पर डा. अंबेडकर के जीवन काल में घटित घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जब तक हम सभी संगठित व सजग नहीं रहेंगे हमारे अधिकार लूटते रहेंगे इसलिए जरूरी है कि संगठित रहकर संघर्ष करें। उन्होंने हर वर्ग के लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि जब सरकारें तमाम सरकारी विभागों को निजी हाथों में सौंप रही है तो ऐसे में आरक्षण की बात कहां रह जाती है सबसे पहले सभी को मिलकर उन सभी सरकारी विभागों को बेचने से बचना होगा तभी रोजगार मिल सकता है अन्यथा आने वाले समय में सरकारी नौकरियां सिर्फ एक सपना बन कर रह जायेगी।

इस मौके पर मुख्य वक्ता पीएल बैछवाल ने कहा कि डा. भीमराव अंबेडकर ने जिन विषम परिस्थितियों में अपने को मजबूती के साथ खड़ा किया है उनके संघर्षों से सीख लेने की आवश्यकता है। जीवन में बिना संघर्ष के कोई स्थान नहीं पाया जा सकता है। उन्होंने आने वाली पीढ़ी को बाबा साहेब के जीवन दर्शन के अध्ययन करने व उनके संघर्षों से सीखने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर मूल निवासी छात्र संगठन के छात्रों ने बाबा साहेब के दर्शन पर गीत प्रस्तुत किये। इस मौके पर डाक अधीक्षक जीडी आर्य, बामसेफ की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनीता कपरवाल, पीएल बैछवाल, मूल निवासी संघ की राज्य प्रभारी आशा टम्टा, जिलाध्यक्ष पुष्पा कोहली, जिला प्रभारी अंजू अग्निहोत्री, धीरेंद्र गरोडिया, बचन लाल टम्टा, राकेश टम्टा, विशाल कुमार, विनोद कुमार आदि ने अपने विचार रखे।

वहीं दूसरी ओर सीपीएम ने भी गोपेश्वर में अपने कार्यालय में एक गोष्ठी का आयोजन कर बाबा साहेब को अपनी श्रद्धासुमन अर्पित किये। कार्यक्रम में भूपाल सिंह रावत, ज्ञानेंद्र खंतवाल, मदन मिश्रा, गजेंद्र सिंह, राजपाल कन्याल आदि मौजूद थे।
