गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के अधिकांश क्षेत्रों में अपराह्न साढे तीन बजे के आसपास आसमान में गरजते बादलों के साथ औले गिरने लगे। इस दौरान जो लोग बाजारों में आवश्यकता की सामग्री खरीदने पहुंचे थे वे भी इधर उधर भागते हुए नजर आये। वहीं काश्तकारों की बागवानी तथा फल-फूल को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
मंगलवार रात्रि से ही चमोली जिले में रूक-रूक कर बारीश व बर्फवारी हो रही थी लेकिन साढे तीन बजे के आसपास अचानक गरज के साथ औले गिरने लगे। जिससे काश्तकारों वर्तमान समय में खेतो में बोयी गई फ्रासबिन्स, राई, पालक, भिंडी की पौधों के साथ ही पेड़ों पर आये खुमानी, चुल्लू, आम, संतरा आदि के बौर भी झड कर नष्ट हो गये है। काश्तकार मोहन नेगी, संदीप तिवारी, आलोक पुरोहित आदि का कहना है कि अचानक हुए औलावृष्टि के कारण काश्तकारों को काफी नुकसान हो गया है। इस बार फलदार पेड़ों पर काफी मात्रा में फलों के बौर आये थे लेकिन इस औलावृष्टि ने सब नष्ट कर दिया है।
