गोपेश्वर (चमोली)। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो जल्द ही आपदा प्रभावित क्षेत्र थराली का भू-गर्भीय सर्वेक्षण का कार्य शुरू हो जाएगा और उसके आधार पर क्षेत्र में सुरक्षा और उपचार के कार्य शुरू हो जाएंगे।
चमोली जिले के थराली आपदा प्रभावित क्षेत्र के भूगर्भीय सर्वेक्षण की शासन ने अनुमति मिल गई है। इसके तहत थराली के आपदा प्रभावित क्षेत्र का विषय विशेषज्ञों की संयुक्त टीम की ओर से सर्वेक्षण कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। विशेषज्ञों की टीम की ओर से दी जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा और उपचार के कार्य किए जाएंगे।
जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि जिले के थराली क्षेत्र में भूस्खलन से राडीबगड़, तहसील परिसर, कोटडीप, थराली बाजार और चेपडों प्रभावित हो गया है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शासन से आपदा क्षेत्र का तकनीकी सर्वेक्षण करने का अनुरोध किया गया था। इस पर शासन की ओर से आपदा प्रभावित क्षेत्रों के सर्वेक्षण के लिए भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण, वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान, उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र, केंद्रीय जल आयोग और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम से सर्वेक्षण करवाए जाने की अनुमति मिल गई है। टीम की ओर से थराली और चेपड़ों के मध्य करीब 8 किमी क्षेत्र में भूस्खलन और भू-धसाव प्रभावित क्षेत्र का सर्वेक्षण कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संयुक्त टीम की ओर से किए अध्ययन की रिपोर्ट के आधार पर क्षेत्र में सुरक्षा और उपचार के कार्य करवाए जाएंगे।
