पोखरी (चमोली)। उत्तराखंड के स्वयंसेवियों ने तमिलनाडु के तंजावुर में आयोजित राष्ट्रीय एकीकरण शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उत्तराखंड की टीम प्रभारी तथा पीजी कालेज नागनाथ पोखरी की डा. आरती रावत ने बताया कि उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र से 7 तथा कुमाऊं क्षेत्र से 2 स्वयंसेवियों ने एकीकरण शिविर में प्रतिभाग किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में आयोजित शिविर में 10 राज्यों के 200 स्वयंसेवियों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि शिविर में सांस्कृतिक, शैक्षिक, सामाजिक तथा रचनात्मक गतिविधियों के जरिए स्वयंसेवियों को तमिल साहित्य, ऐतिहासिक धरोहरों, रोड सेफ्टी, महिला अधिकारों तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों को लेकर जागरूक किया गया। उत्तराखंड के स्वयंसेवियों ने सांस्कृतिक वेशभूषा, लोक नृत्य, रंगोली, पोस्टर, मेहंदी, लोकगीत, क्विज, माइम, रस्साकस्सी, पौधारोपण, कबड्डी आदि कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। मुखौटा नृत्य, झुमेलो, नाटी, और कुमाऊनी लोकगीत की शानदार प्रस्तुति स्वयंसेवियों ने दी। यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल वृहदेश्वर मंदिर, तमिल विश्वविद्यालय, तथा ताड़ पत्र पांडुलिपियों के संरक्षण केंद्र का स्वयंसेवियों को भ्रमण कराया गया। उत्तराखंड के स्वयंसेवियों में पीजी कालेज अगस्त्यमुनि के प्रभात सिंह व गौरव तिलसोला, पीजी कालेज गोपेश्वर की कनिष्का दानू व दिया कंडारी, पीजी कालेज नागनाथ पोखरी की निकिता, कर्णप्रयाग की रिया थपलियाल व सारिका, एमबीपीजी कालेज के प्रियांशु भटगरा, श्री सांई शिक्षण संस्थान जसपुर के पुष्कर अग्रवाल शामिल रहे।
संयोजक डॉ. एस. वीरामणि ने स्वयंसेवियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। बताया कि यह शिविर भारत की विविधता में एकता का प्रतीक बना। स्वयंसेवियों ने शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
