गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के जोशीमठ नृसिंह मंदिर में देव पुजाई समिति और हक-हकूकधारियों की ओर से कोरोना संक्रमण की पाबंदियों के बीच सादे समारोह में गरुड़ छाड़ मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान यहां राजेश्वरी मंदिर के सम्मुख भगवान नारायणब और गरुड की विशेष पूजा अर्चना की गई।
बदरीनाथ धाम से जुड़ी पौराणिक मान्यता के अनुसार प्रतिवर्ष धाम के कपाट खुलने से चार दिन पूर्व जोशीमठ में गरुड़ छाड मेले का आयोजन किया जाता है। इस दौरान भगवान नारायण अपने वाहन गरुड में सवार होकर बदरीनाथ धाम के लिये रवाना होते हैं। इस परम्परा के निर्वहन के लिये यहां ऊंचाई वाले स्थान से रस्सी के सहारे गरुड़ व भगवान नारायण की प्रतिमूर्ति को बदरीनाथ की ओर भेजा जाता है। देव पूजाई समिति के अध्यक्ष और बद्रीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि इस मेले का आयोजन पुरातन काल से किया जा रहा है। कहा कि भगवान बद्री विशाल का मुख्य पड़ाव जोशीमठ है और यहीं से भगवान विष्णु गरुड़ में सवार होकर श्री बद्रीनाथ धाम के लिए जाते हैं। इसलिए इस मेले का प्रतिवर्ष बदरीनाथ धाम की यात्रा से पूर्व आयोजन बड़े ही हर्षाेल्लास के साथ किया जाता है। लेकिन बीते वर्ष से कोरोना संक्रमण के चलते मेले का आयोजन सीमित लोगों की मौजूदगी में किया जा रहा है। इस मौके पर बदरीनाथ रावल ईश्वरी प्रसाद नम्बूदरी, विजय डिमरी, भरत सती और सोहन सती आदि मौजूद थे।
