गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर में संचालित क्लीनिक संचालकों की ओर से क्लीनिक से निकलने वाले बायोवेस्ट को अनियंत्रित तरीके से निस्तारित किया जा रहा है। जिससे नगर में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिये किये जा रहे प्रशानिक प्रयासों पर पलीता लग रहा है। जहां पालिका प्रशासन की ओर से सभी क्लीनिक संचालकों को बायोवेस्ट का निस्तारण जिला चिकित्साल से समन्वय कर बायोवेस्ट पिट में करने के निर्देश दिये गये हैं। वहीं क्लीनिक संचालक लापरवाह बने हुए हैं।
बता दें से बायोवेस्ट निस्तारण नियमावली के अनुसार किसी भी चिकित्सालय अथवा क्लीनिक से निकले वाले कचरे का निस्तारण सामान्य कूड़ादनों में नहीं किया जा सकता। लेकिन गोपेश्वर नगर के क्लीनिक संचालन नियमों को धत्ता बताते हुए बायोवेस्ट को नगर पालिका की ओर से लगाये गये सामान्य कूड़ादानों में निस्तारित कर रहे हैं। जिसे नगर की सफाई व्यवस्था सम्भाले पर्यावरण मित्रों के साथ ही अन्य लोगों के संक्रमण की संभावना बनी हुई है। स्थानीय निवासी तेजेंद्र सिंह और मनोहन कुमार का कहना है कि कई स्थानों पर क्लीनिक संचालनों की ओर से उपयोग किये गये मास्क और सर्जिकल दस्तानों के साथ अन्य सामग्री को खुले में निस्तारित किया जा रहा हैं। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की मांग उठाई है।
नगर में क्लीनिक संचालन करने वाले सभी लोगों को जिला चिकित्सालय से समन्वय कर बायोवेस्ट का निस्तारण बायोवेस्ट पिट में करने के निर्देश दिये गये हैं। पूर्व शिकायत मिलने पर क्लीनिक संचालकों को मामले में हिदायत भी दी गई थी। यदि कहीं क्लीनिक संचालकों की ओर से नियमों विरुद्ध बायोवेस्ट का निस्तारण किया जा रहा हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अनिल पंत, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, चमोली-गोपेश्वर।
