गोपेश्वर (चमोली)। कांग्रेस तथा वामपंथी नेताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के नाम के खुलासे के बाद गोपेश्वर में कैंडल मार्च निकालकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की तथाकथित पत्नी उर्मिला सनावर द्वारा भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम उर्फ गट्टू का नाम उजागर किए जाने पर कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस मामले में कांग्रेस ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ तथा विधायक रेनू बिष्ट के इशारे पर घटना स्थल से साक्ष्य मिटाने को बुलडोजर चलाने की कार्रवाई को भी निशाने पर लिया है। इस मामले में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार डिमरी के नेतृत्व में कांग्रेसियों तथा वामपंथी नेताओं ने गोपीनाथ मंदिर से मुख्य बाजार होते हुए बस स्टैंड तक नारे बाजी के साथ कैंडल मार्च निकाला। उन्होंने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच, हाईकोर्ट अथवा सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में होना चाहिए। इससे वीआईपी का पूरा खुलासा हो जाएगा।
इस दौरान नगराध्यक्ष योगेंद्र बिष्ट, ब्लाक अध्यक्ष गोविंद सिंह सजवांण, पीसीसी सदस्य अरविंद नेगी व प्रमोद बिष्ट, सीपीएम नेता मदन मिश्रा, ऊषा रावत, गिरीश आर्य, धीरेन्द्र गरोडिया, संदीप झिंक्वाण, महेंद्र नेगी, ओमप्रकाश नेगी, अनिल कठैत, गौरव फरस्वाण, कुंवर सिंह भंडारी, उदय सिंह रावत, मनमोहन ओली, अरुणा डंडवासी, मुकुल बिष्ट, अंजू राणा, मदन सेमवासी, मदन लोहानी, एमएल खनेडा, विक्रम शाह,यमुना कुंवर, पार्षद उमेश सती व मनमोहन नेगी, कैप्टन गोवर्द्धन टम्टा, नारायण रावत, किशन बर्त्वाल, अतुल राणा, सोहनलाल आदि कांग्रेसी कैंडल मार्च में शामिल रहे।
