गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के पीपलकोटी स्थित विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना की कंस्ट्रक्शन कंपनी एचसीसी की ओर से नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल (एनजीटी) के मानको को धत्ता बताते हुए मजदूर कैंप क्षेत्र का सीवर की गंदगी और कूड़ा कचरा सीधे अलकनंदा नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। इससे नदी में गंदगी तो फैल ही रही है। साथ ही गंगा की स्वच्छता कार्यक्रम पर भी पलीता लग रहा है। इसको लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बना हुआ है।
गौरतलब है कि टीएचडीसी परियोजना की कंस्ट्रक्शन कंपनी एचसीसी की ओर से अलकनंदा नदी के किनारे मजदूरों को ठहरने के लिए कैंप बनाया गया है। जहां पर सैकडो मजदूर रहते हैं। कैंप से निकलने वाले सीवर और कूड़ा-कचरा को निस्तारण के बजाय कंपनी की ओर से पूरी गंदगी को अलकनंदा नदी में गिराया जा रहा है। इससे लोगों की धार्मिक आस्था के साथ ही खिलवाड़ किया जा रहा है। बंड क्षेत्र के दर्जनों गांवों का श्मशानघाट भी यहीं स्थित है। स्थानीय लोगों को दाह-संस्कार कार्य के दौरान अत्यधिक बदबू से दो-चार होना पड़ता है। इसको लेकर क्षेत्रवासियों में आक्रोश बना हुआ है।
नगर पंचायत अध्यक्ष पीपलकोटी आरती नवानी ने कहा कि एचसीसी कंपनी की ओर से सभी नियम कानूनों को ताक पर रखकर अलकनंदा नदी के किनारे बनाए गए मजदूर कैंप से निकलने वाले सीवर और कूड़ा-कचरा को सीधे अलकनंदा नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। शव दाह-संस्कार करने वाले रास्ते में अत्यधिक बदबू आने से लोगों को आवाजाही के समय मुंह ढककर गुजरना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई तो जिलाधिकारी चमोली को ज्ञापन सौंप कर धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगे।
