जोशीमठ (चमोली)। चमोली जिले के जोशीमठ विकास खंड के तपोवन में राजस्व कार्यों का आसानी से लाभ राजस्व क्षेत्र के ग्रामीणों को मिल सके इसके लिए यहां पर एक राजस्व निर्माण किया गया था। लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते यहां अब चैकी खंडहर में तब्दील होने लगी है। इसको लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की बहाली को लेकर शासन और प्रशासन की संजदगी का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
बता दें कि वर्ष 2010-11 में शासन और प्रशासन की ओर से तपोवन गांव में घाटी की 12 से अधिक ग्राम पंचायतों में राजस्व कार्यों और पुलिस कार्यों के निस्तारण के लिये लाखों की लागत से पटवारी चैकी का निर्माण करवाया गया। लेकिन उप राजस्व निरीक्षकों की कमी के चलते लम्बे समय से पटवारी चैकी का उपयोग न होने से यह लाखों की लागत से निर्मित भवन खंडहर होने लगा है। ऐसे में भवन के अंदर रखे सामान के साथ ही दस्तावेज भी धूल फांक रहे हैं। वहीं दरवाजे और खिड़कियां टूट चुकी हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जहां भवन का एनटीपीसी की ओर से अधिग्रहण करने की बात कही जा रही है। तो एनटीपीसी की ओर से अधिग्रहण न किये जाने के बात कही गई है। ऐसे में सरकारी सम्पत्तियों को लेकर जोशीमठ तहसील प्रशासन की गंभीरता स्पष्ट हो रही है। स्थानीय निवासी स्थानीय निवासी ओम प्रकाश और सतेंद्र का कहना है कि पटवारी चैकी का रख-रखाव न होने से लाखों का सरकारी भवन खराब हो रहा है। लेकिन विभागीय अधिकारियों की ओर से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
तपोवन पटवारी चैकी के भवन की स्थिति के बारे में संबंधित अधिकारी कर्मचारियों से जानकारी ली जाएगी। वहीं उप राजस्व निरीक्षक को मौके पर भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा।
कुमकुम जोशी, उप जिलाधिकारी, जोशीमठ।
