posted on : April 21, 2026 7:41 pm
खबर को सुनें

गोपेश्वर (चमोली)। शंकराचार्य की गद्दी संग गरूड़ पर सवार होकर भगवान विष्णु बदरीनाथ धाम को चल पड़े हैं। बदरीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को प्रातः 615 बजे ब्रह्म मुहूर्त में आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। ज्योतिर्मठ से आदिगुरु शंकराचार्य की गद्दी और गाडू घड़ा, रावल अमरनाथ नंबूदरी तथा बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती के नेतृत्व में प्रथम पड़ाव पांडुकेश्वर पहुंच गए हैं।

इससे पूर्व नृसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद आदिगुरू शंकराचार्य की गद्दी और गरुड़ देवता की उत्सव मूर्ति विधिवत रवाना की गई। पांडुकेश्वर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि ज्योतिर्मठ के विभिन्न स्कूलों के छात्र भी इस धार्मिक यात्रा में शामिल हुए और करीब दो किलोमीटर तक देवडोलियों पर पुष्पवर्षा की। इससे पहले ज्योतिर्मठ में तिमुंडिया वीर पूजन और गरुड़ छाड़ मेले का आयोजन कर बदरीनाथ यात्रा की सफलता के लिए आशीर्वाद लिया गया।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ के अनुसार, 22 अप्रैल को योग बदरी मंदिर से भगवान उद्धव और कुबेर की उत्सव डोलियां, आदि शंकराचार्य की गद्दी के साथ बदरीनाथ धाम पहुंचेंगी, जबकि गरुड़ जी की उत्सव मूर्ति पहले ही धाम पहुंच चुकी है।

इस दौरान नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चैहान, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चैहान, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, आचार्य वाणी विलास डिमरी, पालिकाध्यक्ष देवेश्वरी शाह, डीजीसी प्रकाश भंडारी, देवपूजाई समिति अध्यक्ष अनिल नंबूदरी, सुभाष डिमरी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट, प्रशासनिक अधिकारी विवेक थपलियाल, लेखाकार  भूपेंद्र रावत,  पुजारी सुशील डिमरी, राम प्रसाद थपलियाल, जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष विजया रावत समेत तमाम धर्मावलंबी मौजूद रहे।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!