जोशीमठ (चमोली)। चमोली जिले के जोशीमठ विकास खंड स्थित विश्व प्रसिद्ध हिम क्रिड़ा स्थली औली की आवाजाही लोनिवि की लापरवाही के चलते खास्ताहाल बनी हुई है। सड़क पर विभाग की ओर से लम्बे समय से डामरीकरण कार्य नहीं किया गया है। जिससे सड़क गड़ढों में तब्दील हो गई और वाहनों की आवजाही खतरनाक बनी हुई है। विभागीय अधिकारियों के माने तो सड़क के डामरीकरण की कार्यलयी प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। जल्द ही सड़क का डामरीकरण कार्य किया जाएगा।
बता दें कि विश्व प्रसिद्ध औली के साथ ही आईटीबीपी, सेना कैम्प, डीआरडीओ कैंप के साथ ही सुनील, परसारी, चैडारी, नोग गांवों के ग्रामीणों के लिये 14 किलोमीटर की सड़क का निर्माण किया गया है। लेकिन विभागीय अधिकारी वर्षों से सड़क के रख-रखाव को लेकर लापरवाह बने हुए हैं। ऐसे में सड़क पर डामरीकरण न होने से सड़क गड़ढों तब्दील हो चुकी है। जिससे यहां वाहन दुर्घटनाओं की संभावना बनी हुई है। स्थानीय निवासी विनोद सकलानी, अजय रतूड़ी और दीपक प्रसाद घिडिलियाल का कहना है कि बारिश होने पर जहां सड़क पर बने गड़ढों में पानी भरने से दिक्कतें हो रही हैं। वहीं सामान्य दिनों ने पर्यटक और स्थानीय लोग यहां हिचकोले खाकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। कहा कि कई बार लोनिवि से सड़क सुधारीकरण की मांग के बावजूद भी वर्तमान तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
जोशीमठ-औली सड़क के सुधारीकरण व डामरीकरण के लिये टैंडर प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। अनुबंधित ठेकेदार से बॉड की प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। डेढ करोड़ की लागत से सड़क का शीघ्र सुधारीकरण किया जाएगा।
धन सिंह रावत, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, गोपेश्वर-चमोली।
