posted on : June 17, 2021 6:05 pm

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के दशोली ब्लॉक के निजमूला घाटी के ईराणी गांव को बाहरी दुनिया से जोड़ने वाले पैदल रास्ते पर बना वैकल्पिक पुल वीरगंगा के उफनाने से क्षतिग्रस्त हो गया है। ऐसे में अब ईराणी गांव के ग्रामीण का बाहरी दुनिया पूरी तरह से सम्पर्क कट गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शीघ वीरगंगा पर आवाजाही के लिये वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग उठाई है।

बता दें कि पीएमजीएसवाई की ओर से निजमूला घाटी के ईराणी गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिये वीरगंगा पर मोटर पुल का निर्माण किया जा रहा है। मोटर पुल का निर्माण गांव के पैदल मार्ग पर बने पुल के समीप किया जा रहा है। ऐेसे में सुरक्षा को देखते हुए विभाग की ओर से पैदल झूला पुल से ग्रामीणों की आवाजाही दो माह पूर्व बंद करवा दी गई थी। वहीं गदेरे के तल पर लकड़ी के पैदल पुल का निर्माण का आवाजाही के लिये वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। लेकिन घाटी में बीते एक सप्ताह से रुक-रुक कर हो रही बारिश यहां नदी तल पर बने पुल के एप्रोच बह गये हैं। जिससे ईराणी के ग्रामीण अपने गांव में ही कैद हो गये हैं। ग्राम प्रधान ईराणी मोहन सिंह, दिनेश सिंह, भरत सिंह और विक्रम सिंह का कहना है कि गांव में इन दिनों 130 परिवार निवास कर रहे हैं। लेकिन अब पुल के टूट जाने से गांवों में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई और ग्रामीणों के बीमार होने की स्थिति में ग्रामीणों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी। उन्होंने पीएमजीएसवाई के अधिकारियों से शीघ्र यहां आवाजाही की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।

ईराणी गांव के पैदल रास्ते पर झूला पुल से आवाजाही की व्यवस्था बनाई जा रही है। सोमवार तक यहां पूर्व से निर्मित झूला पुल से ग्रामीणों की आवाजाही शुरु करवा दी जाएगी।

शिवम रावत, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई, गोपेश्वर-चमोली।

 

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