गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले में गुरूवार रात्रि से लगातार हो रही मुसलाधार वर्षा के कारण जिले की तमाम नदियों का जल स्तर बढ़ गया है। हालांकि अभी सभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, वहीं वर्षा के कारण भूस्खलन से आये मलवे के कारण बदरीनाथ हाईवे सहित अन्य राज्य मार्ग भी अवरूद्ध हो गये है। जिससे जगह-जगह पर वाहनों की कतार लगी हुई है।
गुरूवार रात्रि से ही जिले में मुसलाधार बारिश हो रही है। जिसके चलते जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वहीं चमोली जिले की प्रमुख नदियां, अलनंदा, धौली गंगा, पिंडर, नंदाकिनी समेत अनेक नदियों का जल स्तर भी बढ़ गया है। हालांकि अभी सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही है। मगर जिस तरह के लगातार वर्षा जारी है उससे अभी नदियों का जल स्तर बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है, वहीं भारी वर्षा से बदरीनाथ हाईवे पर हेलंग, रडांग बैंड, कर्णप्रयाग के मध्य बंद हो गया है। इधर कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे भी हरमनी में बंद हो गया है। कर्णप्रयाग-गैरसैण मोटर मार्ग सिमली व आदिबद्री में बंद हो गया है। सभी स्थानों पर मार्ग खोलने का कार्य जारी है लेकिन वर्षा के कारण मार्ग खोलने में बाधाऐं आ रही है।
नदियों का जल स्तर
अलकनंदा नदी 953.40 मीटर पर बह रही है जबकि खतरे का निशान 958.43 मीटर है।
नंदाकिनी नदी 867.85 मीटर, खतरे का निशान 871.50 मीटर
पिंडर नदी 770.10 मीटर, खतरे का निशान 773 मीटर है।
चमोली जिले के विभिन्न तहसीलों में रिकार्ड की गई वर्षा
चमोली तहसील में 67.8 मिमी,
गैरसैण 59 मिमी
कर्णप्रयाग 26 मिमी,
पोखरी 30 मिमी
जोशीमठ 60.6 मिमी
थराली 31.2 मिमी
घाट में 56 मिमी
