कर्णप्रयाग (चमोली)। चमोली जिले के कर्णप्रयाग नगर क्षेत्र के आईटीआई मोहल्ले को लोनिवि की लापरवाही के चलते खतरा पैदा हो गया है। यहां लोनिवि की ओर से बनाये गये पैदल पुल के लिये हिल कटिंग वाले हिस्से पर सुरक्षा इंतजाम नहीं किये गये हैं। जिसके चलते अब यहां मोहल्ले के निचले हिस्से में भूस्ख्लन का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेते हुए सुरक्षा इंतजाम करने की मांग उठाई है।
कर्णप्रयाग नगर के आईटीआई मोहल्ले तक आवाजाही में हो रही दिक्कतों को देखते हुए लोनिवि की ओर से वर्ष 2019 में पिंडर नदी पर खंप्यांणा से आईटीआई के निचले हिस्से को जोड़ते हुए पैदल पुल का निर्माण किया। जिसके लिये लोनिवि की ओर आईटीआई मोहल्ले के निचले हिस्से की पहाड़ी में बड़े पैमाने पर हिल कटिंग कार्य किया गया। लेकिन विभाग की ओर से पुल निर्माण के बाद यहां कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किया गया है। ऐसे में अब नदी का जल स्तर बढने से हो रहे कटाव के चलते यहां भूस्खलन के सक्रीय होने की संभावनाएं बनी हुई हैं। उक्त क्षेत्र के शीर्ष पर जहां आईटीआई कॉलेज व आवासीय भवन मौजूद हैं। वहीं बड़े पैमाने पर यहां लोगों के निजी भवन भी मौजूद हैं। ऐसे में यदि समय रहते यहां सुरक्षा इंतजाम नहीं किये जाते तो यहां बड़ी दुर्घटना की सम्भावना बनी हुई है। स्थानीय निवासी दुर्गा प्रसाद थपलियाल, सतेंद्र कुमार और जगमोहन का कहना है कि यहां बलुई मिट्टी होने से नदी का तेजी से कटाव हो रहा है। यदि समय रहते सुरक्षा इंतजाम नहीं किये गये तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
आईटीआई मोहल्ले के लिये बने पुल के आसपास हो रहे भूस्खलन की रोकथाम के लिये सुरक्षा दीवार निर्माण के लिये बीते वर्ष 12 लाख का प्रस्ताव शासन में स्वीकृति के लिये भेजा गया है। लेकिन वर्तमान तक धनराशि आवंटन न होने के कारण यहां सुरक्षा कार्य शुरु नहीं किया जा सका है। धनराशि का आवंटन होते ही यहां सुरक्षा कार्य करवाये जाएंगे।
पीसी जोशी, अधिशासी अभियंता, लोनिवि कर्णप्रयाग।
