जोशीमठ (चमोली)। चमोली जिले के जोशीमठ विकास खंड के तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना की टीबीएम साइड के शीर्ष पर बदरीनाथ हाईवे के सेलंग में शुरु हुए भूस्खलन के बाद सेलंग गांव के ग्रामीणों ने विस्थापन की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने मामले में मुख्यमंत्री को बुधवार को ज्ञापन भेजकर गांव और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर कंपनी प्रबंधन से विस्थापन करवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने मांग पर कार्रवाई न किये जाने पर आंदोलन शुरु करने की चेतावनी दी है।
बता दें कि तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना के ओर से बदरनाथ हाईवे पर सेलंग गांव के निचले हिस्से में सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे में 25 अगस्त को परियोजना की टीबीएम साइड के शीर्ष पर भूस्खलन से एक होटल के साथ ही सामुदायिक भवन क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं बदरीनाथ हाईवे के साथ ही आसपास की भूमि और भवनों में भी दरारें आने लगी हैं। ऐसे में अब ग्रामीण अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। ग्राम प्रधान अंजू देवी और क्षेत्र पंचायत संतोष लाल का कहना है कि परियोजना निर्माण के लिये कंपनी की ओर से ग्रामीणों की हजारों नाली नाप भूमि के साथ वन पंचायत भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है। अब यहां गांव निचे से बनी सुरंगों के चलते गांव में भूस्खलन भी शुरु हो गया है। जिसके चलते ग्रामीणों ने अब कंपनी प्रबंधन से गांव के विस्थापन के साथ ही भूस्खलन से हुई क्षति की क्षतिपूर्ति करने की मांग उठाई है। कहा गया कि यदि कंपनी प्रबंधन और शासन-प्रशासन की ओर से शीघ्र उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती तो ग्रामीण आंदोलन शुरु कर देंगे। इस मौके पर बिजेंद्र लाल, शिशुपाल भंडारी, मनमोहन सिंह, संदेश आदि ग्रामीण मौजूद थे।
