पीपलकोटी (चमोली)। चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निमात्री कंपनी टीएचडीसी की ओर से भेज गये नोटिस के बाद ग्रामीणों ने विरोध तेज कर दिया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से ग्रामीणों और परियोजना प्रबंधन के मध्य वर्ष 2009 में हुए समझौते की जांच करने की भी मांग उठाई है।
बता दें कि विष्णुगाड़-तपोवन जल विद्युत परियोजना की ओर से बंड क्षेत्र के हाट गांव में पावर हाउस का निर्माण किया जाना है। जिसके लिये कंपनी प्रबंधन की ओर से ग्रामीणों को मुआवजा वितरण के बाद विस्थानपन किया गया। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन ने स्थाई रोजगार, सड़क निर्माण जैसे 20 सूत्रीय समस्याओं को लेकर वर्ष 2009 में किये गये समझौते के अनुरुप वर्तमान तक कार्य नहीं किये हैं। ऐसे में अब कंपनी प्रबंधन ने ग्रामीणों को 16 अगस्त तक हाट गांव के भवनों को खाली के नोटिस भेजे हैं। जिस पर ग्रामीणों ने शनिवार को भेज गये नोटिसों के विरोध में प्रदर्शन किया। जिसके बाद मौके पर पहुंच संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिनव शाह से ग्रामीणों ने 2009 में हुए समझौते की जांच की मांग उठाई। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि हाट गांव के विस्थापित वर्तमान में भी मूलभूत सुविधाओं के लिये भटक रहे हैं। कई बार जिला प्रशासन से लिखित शिकायत के बाद भी वर्तमान तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने ध्वस्तीकरण अथवा अन्य कार्यवाही के लिये जोर-जबरदस्ती करने व 25 अगस्त तक कंपनी प्रबंधन की ओर से समझौते के आधार पर कार्य न करने पर उग्र आंदोलन शुरु की चेतावनी दी है। इस मौके पर ग्राम प्रधान हाट राजेंद्र हटवाल, ज्येष्ठ प्रमुख पंकज हटवाल, सरपंच सोहन, युमंद अध्यक्ष अमित गैरोला, कुसुमलता देवी, नीरजा देवी पुष्पा देवी, गुड्डी देवी, प्रमिला देवी, सुमन कुमार और चन्द्रकला देवी आदि मौजूद थे।
