गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के जोशीमठ ब्लॉक में लम्बे समय के विद्युत आपूर्ति बाधित होने की आशंका बनी हुई है। यहां बदरीनाथ हाईवे पर सेलंग के समीप शुरु हुए भूस्खलन के चलते ब्लॉक को सप्लाई होने वाली विद्युत लाइन खतरे की जद में आ गई है। यहां लाइन का विद्युत टावर का एक हिस्सा हवा में लटका हुआ है। जिससे लाइन क्षतिग्रस्त होने की संभावना बनी हुई है।
बता दें कि 25 जुलाई को बदरीनाथ हाईवे पर सेलंग के समीप अचानक हुए भूस्खलन से यहां मौजूद एक होटल के साथ ही सामुदायिक भवन और गौशाला जमीदोज हो गये थे। जिसके बाद से यहां लगातार भूस्खलन सक्रीय होने से अब जोशीमठ ब्लॉक को सप्लाई होने वाली 132 केवी की विद्युत लाइन भी खतरे की जद में आ गई है। भूस्खलन जोन में स्थित विद्युत लाइन के टावर को एक पोल हवा में लटक गया है। जबकि टावर तीन पोलों के सहारे खड़ा है। ऐसे में भूस्खलन होने पर टावर के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। यहां भूस्खलन के चलते बदरीनाथ हाईवे भी रह-रह कर धंस रहा है। ऐसे में यदि यहां शीघ्र विद्युत लाइन की वैकल्पिक व्यवस्था तैयार नहीं की जाती तो ब्लॉक के सैकड़ों गांवों और जोशीमठ नगर क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति बाधित होजाएगी।
जोशीमठ को सप्लाई हो रही लाइन पर सेलंग भूस्खलन जोन पर खतरे की जद में आये विद्युत टावर का स्थलीय निरीक्षण कर लिया गया है। जल्द ही यहां टावर के सुधारीकरण का कार्य किया जाएगा।
एनएस चैहान, प्रभारी अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम, गोपेश्वर-चमोली।
