
हमारे बारे में: “दबी जुबां” – सच हर कीमत पर
“दबी जुबां” केवल एक न्यूज़ पोर्टल नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आवाज़ और ईमानदारी की एक विरासत है। इसकी नींव श्री जगदीश पोखरियाल जी के दशकों के पत्रकारिता के अनुभव और अटूट सिद्धांतों पर रखी गई है। आज यह संस्थान अपने पुराने अनुभवों और आधुनिक तकनीक के संगम से पाठकों तक सटीक खबरें पहुँचा रहा है।
हमारी विरासत और सोच
दबी जुबां की शुरुआत उन दबी हुई आवाज़ों को मंच देने के लिए की गई थी, जिन्हें मुख्यधारा के मीडिया में जगह नहीं मिल पाती। हमारे संपादक, श्री जगदीश पोखरियाल जी का मानना है कि पत्रकारिता का धर्म केवल खबर देना नहीं, बल्कि समाज के प्रति जवाबदेही तय करना है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए, हमारी डिजिटल टीम इस पोर्टल को हर उत्तराखंडी की हथेली तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
हम क्या करते हैं?
हम उत्तराखंड के सुदूर गांवों से लेकर राजधानी की गलियों तक की हर छोटी-बड़ी खबर को आप तक पहुँचाते हैं।
हमारा मुख्य ध्यान इन विषयों पर रहता है:
स्थानीय मुद्दे: चमोली, गोपेश्वर और संपूर्ण उत्तराखंड की जमीनी समस्याएँ।
युवा और खेल: उत्तराखंड की उभरती हुई प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच दिलाना।
जन-सरोकार: जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए चल रहे सामाजिक प्रयास।
सटीक विश्लेषण: खबरों के पीछे के सच को निष्पक्षता से सामने लाना।
हमारा संकल्प
हमारा टैगलाइन है— “सच हर कीमत पर”। हम किसी भी राजनीतिक या बाहरी दबाव के बिना, निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के लिए समर्पित हैं।
स्थान: गोपेश्वर, चमोली (उत्तराखंड)
