posted on : July 1, 2025 7:25 pm

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के 11 स्कूलों को कलस्टर विद्यालयों में विलय कर दिया गया है। इसके लिए आदेश भी जारी कर दिए गए है। ऐसे में अब विलय हुए विद्यालयों के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे है।

माध्यमिक स्तर पर सरकार ने कलस्टर विद्यालयों को संचालित करने का बीड़ा उठाया है। इसके तहत चमोली जिले में 11 विद्यालयों का संचालन कलस्टर स्कूलों के माध्यम से करने का आदेश जारी कर दिया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली धर्म सिंह रावत की ओर से जारी आदेश के तहत जोशीमठ ब्लॉक के राजकीय इंटर कालेज जोशीमठ के कलस्टर विद्यालय में राजकीय हाईस्कूल पैनी को शामिल कर दिया गया है। दशोली ब्लॉक के राजकीय इंटर कालेज गोपेश्वर में राजकीय कन्या हाईस्कूल नैग्वाड को शामिल किया गया है। नंदानगर ब्लॉक के राइका नंदानगर में हाईस्कूल कुमजुग को शामिल किया गया है। अब इन विद्यालयों का संचालन कलस्टर विद्यालय से ही होगा।

पोखरी ब्लॉक के राजकीय इंटर कालेज गोदली कलस्टर विद्यालय में राजकीय हाईस्कूल  मसोली तथा श्रीगढ को शामिल कर दिया गया है। गैरसैण ब्लॉक के राजकीय इंटर कालेज गैरसैण में जीजीआईसी गैरसैण को शामिल किया गया है। थराली ब्लॉक के राजकीय इंटर कालेज कुलसारी के कलस्टर विद्यालय में राजकीय हाईस्कूल सुनांऊ को शामिल कर दिया गया है। राजकीय इंटर कालेज देवाल के कलस्टर विद्यालय में हाईस्कूल जैनबिष्ट तथा बेराधार को शामिल किया गया है। राजकीय इंटर कालेज नारायणबगड़ के कलस्टर विद्यालय में हाईस्कूल मींग को शामिल कर दिया गया है। राजकीय इंटर कालेज कर्णप्रयाग के कलस्टर विद्यालय में राजकीय हाईस्कूल उमट्टा को शामिल करने के आदेश जारी किए गए है।

आदेश में यह भी कहा गया है कि माध्यमिक स्तर पर संचालित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट विद्यालयों में शिक्षण अधिगम को गुणवत्ता परख एवं रूचिकर बनाने के उद्देश्य से चिह्नित कलस्टर विद्यालय में संचालित करने की पहल की गई है। सीईओ के आदेश में यहां तक कहा गया है कि किसी भी विद्यालय को बंद/मर्ज नहीं किया जा रहा है।

आदेश पहली जुलाई से प्रभावी हो गए है। बताया जा रहा है कि कतिपय विद्यालयों के अभिभावकों ने इस तरह के आदेशों पर विरोध करना शुरू दिया है। दूसरी ओर राजकीय शिक्षक संघ चमोली के जिलाध्यक्ष प्रदीप भंडारी तथा जिलामंत्री प्रकाश सिंह चौहान ने इस तरह के आदेशों को विरोध करते हुए। संघ के प्रांतीय नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि चमोली जिले में इस तरह के आदेशों से बड़ी संख्या में माध्यमिक विद्यालयों के बंद होने की संभावना बढ़ गई है। इससे शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारी के पद समाप्त होने की आशंका प्रबल हो गई है। दूर दराज के छात्र-छात्राओं को अब कलस्टर विद्यालयों में पढ़ाई के लिए आने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। चमोली जिले में 35 कलस्टर विद्यालयों में 122 अन्य माध्यमिक स्कूलों के संचालन का प्रस्ताव है। जबकि प्रदेश स्तर पर 559 कलस्टर विद्यालयों में करीब 1515 अन्य विद्यालयों के संचालन को प्रस्तावित किया गया है। उन्होनें कहा कि कलस्टर योजना की पुनः समीक्षा की जानी चाहिए ताकि विद्यालय  बंद न हो सकें और शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के पद भी समाप्त न हों। ज्ञापन की प्रति मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली को भी दी गई है।

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