गोपेश्वर (चमोली)। अपनी मांगों को लेकर आत्मदाह करने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे राजकीय वाहन चालक मदन मोहन मिश्रा ने थानाध्यक्ष राजेंद्र रौतेला के आश्वासन पर आत्मदाह कार्यक्रम टाल दिया है। थानाध्यक्ष ने वाहन चालक को शिक्षा विभाग से वार्ता का भरोसा दिलाया है।
शिक्षा विभाग के चालक मदन मोहन मिश्रा का कहना है कि उन्हें वर्ष 2्019 में उच्चीकृत वेतनमान का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यात्रा देयकों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उनका मेडिकल क्लेम भी नहीं दिया जा रहा है। वाहन चालक का यह भी कहना है कि वह मुख्य शिक्षा अधिकारी के वाहन चालक के पद पर कार्यरत थे। परंतु विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा उन्हें जबरन जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक के वाहन चालक के पद पर स्थानांतरण किया गया। कहा कि विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा उनका लगातार मानिसक उत्पीड़न किया जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर वाहन चालक मदन मोहन मिश्रा ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह की चेतावनी दी थी। तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार वाहन चालक स्वजनों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। परंतु यहां जिलाधिकारी मौजूद नहीं थे। यहां पर तैनात पुलिस उन्हें थाने लाई। थाने में थानाध्यक्ष राजेंद्र रौतेला ने वाहन चालक को भरोसा दिलाया कि प्रशासन की ओर से शिक्षा विभाग से जल्द ही उनकी मांगों को लेकर वार्ता की जाएगी। जिसके बाद आत्मदाह कार्यक्रम टला। वाहन चालक मदन मेहन मिश्रा ने कहा कि यदि सोमवार तक उनकी सभी मांगें नहीं मानी जाती है तो वह सोमवार को आत्मदाह करेंगे। इधर, राजकीय वाहन चालक महासंघ ने भी चालक के साथ विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न पर आक्रोश जताया है। राजकीय वाहन चालक महासंघ के महामंत्री संतोष भंडारी ने कहा कि सोमवार को वाहन चालक महासंघ शिक्षा विभाग के अधिकारियों से वार्ता करेगा। यदि चालक का उत्पीड़न बंद नहींं किया गया और उनकी मांगें नहीं मानी गई तो राजकीय वाहन चालक महासंघ उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होगा।
