कहा सीएम की घोषणा के बाद भी उड्डयन विभाग को कैसे दी जा रही भूमि
गोपेश्वर (चमोली)। जोशीमठ बचाओ संघर्ष समीति ने रविवार को एक बैठक कर आक्रोश व्यक्त करते हुए उस आदेश का विरोध किया है, जिसके तहत जोशीमठ के स्टेडियम की भूमि को हैलीपैड के लिए दिए जाने के आदेश दिए गये है। यह वही भूमि है जिसपर स्टेडियम निर्माण की मांग वर्षों से जोशीमठ क्षेत्र की जनता करती रही है । और दो दो मुख्यमंत्री ने यहां स्टेडियम निर्माण की घोषणा की है। वहीं बदरीनाथ के विधायक ने भी क्षेत्र की जनता के आक्रोश को भांपते हुए रविवार को ही एक पत्र सीएम को भेज कर खेल मैदान की भूमि को खेल विभाग को स्थानांतरित कर यहां पर स्टेडियम बनाये जाने की मांग की है।
जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती ने इस मामले में स्थानीय विधायक की भूमिका की भी तीव्र भत्र्सना की है। जिसमें स्थानीय विधायक की ओर से जनभावनाओं के विपरीत जाकर स्टेडियम के स्थान पर हैलीपैड बनाने की पैरवी की गई। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी अपनी संस्तुति में बार-बार विधायक के के इस सुझाव का उल्लेख किया जाता है जिसमें विधायक ने खेल मैदान में हेलीकाप्टर उतारने की बात कही है। इसी सुझाव ने जोशीमठ की जनता के हितों पर कुठाराघात किया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ विधायक जनता को झूठे आश्वाशन देते हैं दूसरी ओर हैलीपैड की पैरवी करते हैं।
जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति ने बैठक में सरकार से इस आदेश को तुरन्त वापस लेने की मांग की है। साथ ही मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करते हुए इस भूमि को खेल विभाग को हस्तांरित कर यहां तुरन्त स्टेडियम निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी की है। जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र पंवार व प्रवक्ता कमल रतूड़ी ने कहा कि यदि सरकार यह निर्णय वापस नहीं लेती तो जनता के सहयोग से आंदोलन किया जाएगा। जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति पूरे जोशीमठ ब्लाक की जनता के साथ सड़कों पर उतरेगी।
इधर बदरीनाथ के विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांग की है कि खेल मैदान की भूमि को उड्डयन विभाग के वापस लेकर खेल विभाग को सौंप कर यहां पर स्टेडियम का निर्माण करवाया जाए। इसके बाद इसमें हेलीकाप्टर उतारने में किसी को कोई आपत्ति नहीं होगी।
