गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के सीमांत गांव रैंणी गांव में क्षतिग्रस्त मलारी हाईवे का निर्माण कार्य गुरूवार को बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट के हस्तक्षेप के बाद निर्माण कार्य शुरु हो गया है। यहां बीते पांच दिनों से पुर्नवास और मुआवाजे की स्थिति स्पष्ट न होने से ग्रामीणों और प्रशासन में सहमति न बनने से सड़क सुधारीकरण कार्य शुरु नहीं हो पाया था। विधायक के आश्वासन के बाद जहां ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सहमति बन गई है। वहीं बीआरओ की ओर से हिल कटिंग कार्य शुरु कर दिया गया है।
बता दें कि बीती 13 जून को ऋषिगंगा नदी का जल स्तर बढने से रैंणी गावं के निचले हिस्से में हुए कटाव से मलारी हाईवे का करीब 40 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया था। जबकि रैंणी गांव में स्थित गौरा देवी स्मारक के साथ ही यहां ग्रामीणों के आवासीय भवन भी भूस्खलन की जद में आ गये थे। सड़क के ध्वस्त होने से नीति घाटी में वाहनों की आवजाही बाधित हो गई थी। ऐसे में यहां ग्रामीणों की ओर से लगातार पुर्नवास और मुआवजे की स्थिति को स्पष्ट करने की मांग पर सड़क निर्माण कार्य को रोका गया था। ऐसे में गुरूवार को बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने रैंणी गांव पहुंच कर ग्रामीणों भव्य गौरा देवी स्मारक निर्माण व भूगर्भीय सर्वेक्षण के बाद प्रभावितों को मुआवाजा व पुनर्वास करवाने का आश्वासन दिया। जिस पर ग्रामीणों की सहमति के बाद यहां बीआरओ की ओर से सड़क निर्माण कार्य शुरु कर दिया गया है।
रैंणी गांव में क्षतिग्रस्त सड़क का सुधारीकरण कार्य शुरु कर दिया गया है। मैने ग्रामीणों को क्षतिग्रस्त गौरा देवी स्मारक के भव्य निर्माण की घोषणा की है। वहीं भूगर्भीय सर्वेक्षण के बाद प्रभावितों को मुआवजा तथा पुनर्वास की कार्रवाई त्वरित गति से करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये हैं।
महेंद्र भट्ट, विधायक, बदरीनाथ विधानसभा।
