कर्णप्रयाग (चमोली)। चमोली जिले के घाट-नंदप्रयाग सड़क डेढ लेन चैड़ीकरण को लेकर चल रही पदयात्रा सोमवार को कर्णप्रयाग पहुंची। यहां पदयात्रियों ने ढोल-दमाऊं के साथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। वहीं लोनिवि के अधिकारियों पर जनता की मांग को दर-किनार कर मनमाने तरीके से टेंडर प्रकाशित करने का विरोध किया है।
कर्णप्रयाग पहुंचने पर पदयात्रियों ने यहां पत्रकारों से वार्ता कर सरकार पर जन अपेक्षाओं की अनदेखी का आरोप लगाया है। आंदोलनकारी और व्यापार मंडल घाट के अध्यक्ष चरण सिंह ने कहा कि जहां एक ओर घाट क्षेत्र के ग्रामीण 122 दिनों से डेढ लेन चैड़ीकरण की मांग को लेकर आंदोलनरत है। लेकिन सरकार की ओर से सड़क की चैड़ाई की स्थिति को स्पष्ट किये बिना शासनादेश जारी कर टेंडर प्रक्रिया शुरु की गई है। जो सरकार के जनता की जरुरतों प्रति दृष्टिकोण को स्पष्ट कर रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन डेढ लेन सड़क निर्माण तक जारी रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि जहां ग्रामीणों की ओर से घाट में आमरण अनशन किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर मांग को लेकर पदयात्रा कर चमोली जिले के साथ ही देहरादून तक के लोगों को घाट ब्लॉक की लाइफ लाइन घाट-नंदप्रयाग सड़क के डेढ लेन चैड़ीकरण की मांग और आवश्यकता को लेकर जागरुक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल को यात्रा के देहरादून पहुंचेगी। जहां घाट और चमोली जिले के प्रवासियों के साथ मांग को लेकर रैली का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर तुलाराम पांडे, लक्ष्मण राणा, गुड्डू लाल, दीपक फ़रस्वाण, हर्षवर्द्धन देवराड़ी, अब्बल सिंह, प्रकाश भंडारी, फते सिंह, नंरेंद्र सिंह, दिनेश नेगी, बृजमोहन सिंह, कृष्ण मैंदोली, सौरभ सिंह, सुरेंद्र सिंह, मोहन भंडारी, मान सिंह आदि मौजूद थे।
