गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले में बेरोजगारों की सुविधा के संचालित सेवायोजन कार्यालय में अधिकारी सहित कर्मचारियों का भारी टोटा बना हुआ है, वहीं सेवा योजन कार्यालय की ओर से संचालित शिक्षण एवं मार्गदर्शन केंद्र भी अधिकारी और कर्मचारियों के अभाव में ठप पड़ा हुआ है। ऐसे में सरकार की ओर से युवाओं के भविष्य को संवारने को लेकर की जा रही कवायद का अंदाजा लगाया जा सकता है।
बता दें कि सेवायोजन कार्यालय के संचालन के लिये एक जिला सेवायोजन अधिकारी, एक सहायक सेवायोजन अधिकारी, 11 कर्मचारियों और छह पद शिक्षण एवं मार्गदर्शन केंद्र के लिये स्वीकृत किये गये हैं। लेकिन जिले वर्ष 2016 से जहां स्थाई जिला सेवायोजन अधिकारी का पद रिक्त पड़ है, वहीं शिक्षण मार्गदर्शन केंद्र के संचालन के लिये सृजित सहायक सेवायोजन अधिकारी का पद वर्ष 2005-06 से रिक्त पड़ा हुआ है। विभाग में 11 कर्मचारियों के सापेक्ष दो स्थाई और दो आउटसोर्सिंग से कर्मचारी तैनात किये गये है। जबकि शिक्षण मार्गदर्शन केंद्र के लिये सृजित सभी छह पद रिक्त पड़े हुए हैं। जिससे विभाग का संचालन दो स्थाई कर्मचारियों के भरोसे किया जा रहा है। जबकि शिक्षण एवं मार्गदर्शन केंद्र का संचालन पूर्ण रुप से ठप पड़ा हुआ है। ऐसे में बेरोजगारों के लिये प्रतियोगितात्मक परीक्षाओं की तैयारी को लेकर संचालित योजनाओं की जमीनी हकीकत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
विभाग के में रिक्त पड़े पदों की सूची उच्चाधिकारियों के साथ ही निदेशालय को भेजी गई है। निदेशालय स्तर से ही अधिकारी और कर्मचारियों की तैनाती की जानी है।
बबलेश गैरोला, प्रधान सहायक, सेवायोजन कार्यालय, चमोली।
