गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर में समाज कल्याण विभाग की ओर से गोपेश्वर में संचालित वृद्धाश्रम में लापरवाही सामने आई है। यहां वृद्धजनों की देखरेख के लिये तैनात पीआरडी जवान वृद्धों को कमरे में बंद कर नदारद पाया गया है। हालांकि विभागीय अधिकारियों बुजुर्गों की सहमति के बाद ताला लगाने की बात कह रहे हैं।
बता दें, कि सरकार ने निराश्रित और अशक्त वृद्धजनों के आवास और भोजन की व्यवस्था के लिये गोपेश्वर में वृद्धाश्रम की स्थापना की है। जिसका संचालन समाज कल्याण विभाग की ओर से किया जा रहा है। इन दिनों यहां पांच वृद्ध निवास कर रहे हैं। जिनकी देखरेख के लिये विभाग ने पीआरडी जवान मनोज कुमार की तैनाती की है। लेकिन रविवार को जब नगर पालिका सभासद लीला देवी दोपहर में यहां वृद्धों को फल देने पहुंची तो उन्होंने बुजुर्गों को कमरे में बंद रोता पाया। जिस पर उन्होंने मामले की जानकारी समाज कल्याण अधिकारी के साथ ही अन्य लोगों को दी। जिसकी जानकारी मिलते ही विभागीय अधिकारी आनन-फानन में वृद्धाश्रम पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि वृद्धाश्रम में पूर्व में महिला पीआरडी जवान बबीता देवी की तैनाती की गई थी। जिनकी सेवाएं विभाग ने 19 सितम्बर को समाप्त कर दी गई हैं। उन्होंने बीते दिनों वृद्धाश्रम में आकर बुजुर्गों के साथ मारपीट कर धमकाया था। जिस पर यहां तैनात पीआरडी जवान मनोज ने बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए उनकी सहमति पर उन्हें कमरे में बंद वह खाना खाने गया। ऐसे में बुजुर्गों के लिये सरकार की ओर संचालित वृद्धाश्रम संचालन को लेकर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों की संवेदनशीलता का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। इस दौरान यहां संस्थाध्यक्ष कुसुम लता डिमरी, धनंजय लिंगवाल, ऊषा रावत, अनिता देवी, जूला देवी, बिल्लेश्वरी देवी, विजया कंडारी, मंजू फर्स्वाण, सुलोचना देवी आदि मौजूद थे।
वृद्धाश्रम में पूर्व में तैनात पीआरडी महिला जवान बबीता देवी की संस्था में बीती 19 सितम्बर को सेवा समाप्त कर दी गई थी। जिसके बावजूद उनके वृद्धाश्रम कैंपस में आकर अभद्रता करने की बात सामने आई है। उन्हें सोमवार सुबह तक कैंपस खाली करने के निर्देश दिये गये हैं। यदि पीआरडी जवान की ओर से आदेशों का पालन नहीं किया जाता तो मामले में नियमानुसार पुलिस में शिकायत कर कार्रवाई की जाएगी।
टीआर मलेठा, समाज कल्याण अधिकारी, चमोली।
