गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले दशोली ब्लाॅक के वन पंचायत कौंज पोथनी में आयोजित क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में वनों के संरक्षण सबर्द्धन के लिये समुदाय की भागीदारी पर जोर देते हुए जंगलों में आग की घटनाओं को रोकने के लिये सहयोग दिये जाने की अपील की गई।
अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग व नवज्योति महिला कल्याण संस्थान के तत्वावधान में विष्णु गाड़ पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के सचिव महानंद बिष्ट ने कहा कि जंगलों को विकसित करने के लिये वन विभाग के साथ साथ ग्रामीणों भी योगदान होना चाहिए। बिना ग्रामीणों के सहयोग से कोई भी कार्य सफल नही हो सकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न क्षेत्रों में लोगों में अपार क्षमतायें हैं इन क्षमताओं को विकसित कर अपने लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास करना चाहिए। वन दरोगा शुलभ सिंह रावत ने कहा कि कैट प्लान के तहत ग्रामीणों की मांग के आधार पर ही तमाम विकास कार्य पूर्व में परियोजना में रखे गये थे। इसी आधार पर कार्यो को पूरा किया जा रहा है। महेन्द्र सिंह रावत ने आग से वनों को बचाये रखने के लिये सभी लोगो से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वनों में आग की घटनाए बढ़ने के जंगल के साथ साथ तमाम जीव जंतु भी प्रभावित होते हैं। कौज की संरपच सरिता देवी तथा कांडा खंडरा के संरपच हीरा सिंह ने कहा कि वन पंचायतों को मजबूत किये जाने के लिये सरकारी स्तर से कोई ठोस कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिये। प्रशिक्षण में दिनेश सिंह झिक्वांण, दिग्पाल सिंह बत्र्वाल, दर्शन बत्र्वाल, उर्मिला देवी, कल्पेश्वरी देवी, सरोज रावत, रंजना देवी, सुरेन्द्र सिंह, प्रकाश सिंह भागीरथी देवी आदि मौजूद रहे।
