गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ धाम में भगवान के नारायण के दर्शनों की अनुमति न दिये जाने के विरोध में अनशन कर रहे साधुओं का अनशन 12वें दिन जारी रहा।
बता दें कि सरकार की गाइड लाइनों के अनुरुप कोविड टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट के साथ धाम में रहने वाले साधु धर्मराज भारती (मौनी बाबा) और ब्रहमचारी प्रशासन की अनुमति के बाद बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने से पूर्व धाम में पहुंच गये थे। जिसके बाद संत अपनी गुरु परम्परा के अनुसार 22 मई तक कोविड नियमों का पालन करते हुए नित्य प्रातः भगवान बदरीनाथ के दर्शन कर रहे थे। लेकिन 23 मई को अचानक मंदिर के कर्मचारियों की ओर से प्रातः काल दर्शनों को पहुंचे साधुओं को दर्शन करने से रोक दिया। जिसके बाद से यहां संतों की ओर से अनशन शुरु कर दर्शनों की अनुमति देने का प्रशासन और सरकार से अनुरोध किया जा रहा है। लेकिन सरकार की ओर से संतो ंके अनुरोध पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं किये जाने के चलते संतों ने मंगलवार से जल का भी त्याग कर दिया है। दर्शनों की अनुमति के लिये आंदोलनरत धर्मानंद भारती का कहना है कि वे वर्ष 1990 से धाम में निवास कर रहे हैं। यहां अपने गुरु की ओर स्थापित परम्परा के अनुरुप वे प्रत्येक दिन भगवान नारायण के दर्शनों के बाद भोजन करते हैं। ऐसे में मंदिर प्रबंधन की ओर से दर्शनों पर रोक लगाने के बाद 24 मई से उन्होंने अनशन शुरु किया है। उन्होंने सरकार, शासन और प्रशासन से कोविड नियमों का अनुपालन करते हुए दर्शनों की अनुमति दिये जाने का अनुरोध किया है।
