गैरसैण (चमोली)। चमोली जिले का तेवाखर्क गांव राज्य में पहाड़ी गांवों के विकास के सरकारी दावों की पोल खोल रहा है। गांव को सड़क सुविधा से जोडने के लिये मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी सड़क निर्माण कार्य शुरु नहीं हो सका है। ऐसे में ग्रामीण यहां गांव में बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को कंधों में ढोकर चिकित्सालय पहुंचा रहे हैं। गुरूवार को एक बार फिर तेवाखर्क के ग्रामीणों ने गांव की एक महिला को 18 किलोमीटर पालकी में ढोकर चिकित्सालय पहुंचाया है।
स्थानीय ग्रामीण जमन सिंह, राजेंद्र सिंह और गोविंद सिंह ने बताया कि गुरूवार को अचानक बचन सिंह की 46 वर्षीय काशी देवी की तबीयत बिगड़ गई। जिसकी सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने 18 किलोमीटर काशी देवी को कंधों में ढोकर गैरसैंण चिकित्सालय पहुंचाया। इससे पहले पांच जुलाई को पंजाब से उपचार कर गांव लौट रहे भगवत सिंह को भी ग्रामीणों ने कंधों में ढोकर गांव पहुंचाया था। ऐसे में मुख्यमंत्री की घोषणा और प्रशासन के आश्वासन के बाद सड़क निर्माण कार्य न होने से हो रही दिक्कतों को देखते हुए राज्य के दूरस्थ गांवों को लेकर सरकार, शासन और प्रशासन की संवेदनशीलता का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
