पोखरी (चमोली)। जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर परिसर में सुबह साढे नौ बजे के आसपास दो भालू घुस आए। एक भालू ने छात्र आरब पुंडीर को उठाकर झाडियों में फेंक दिया। आरब पर हमला होते देख छात्रा दिव्या ने साहस दिखाते हुए भालू का पीछा किया तो वह जंगल की ओर भाग गया। इस घटना में आरब और दिव्या दोनों को चोंटे आई है। भालुओं के आंतक से अभिभावक डरे सहमे हुए हैं। हरिशंकर विद्यालय में छात्रों पर भालू का यह हमला दूसरी बार हुआ है। इससे पहले भी स्कूल आते हुए देवेश पर भालू के बच्चे ने हमला कर दिया था। उस समय भी उसके साथी पंकेश ने भालू के बच्चे पर पत्थर मार कर उसे भगा दिया था। इस बार फिर से भालूओं ने विद्यालय परिसर में घुस पर आरब पर हमला किया है।
प्रधानाध्यापक उपेंद्र सती और शिक्षक मनवर रावत ने बताया कि आरब पुंडीर सिलंगी मोली का निवासी है और अपने ननिहाल हरिशंकर में रहकर पढ़ाई कर रहा है। जिस समय यह हमला हुआ उस समय आरब परिसर में कूड़ा फेंक रहा था तभी दो भालू स्कूल में घुस आए। छोटे भालू ने छात्र को झाड़ियों में फेंक दिया, जिससे उसकी कमीज फट गई और हाथ पर नाखूनों के खरोंच के निशान आ गए। घटना के दौरान गनियाला गांव की कक्षा आठ की छात्रा दिव्या ने साहस दिखाते हुए विद्यालय का दरवाजा बंद कर अन्य छात्रों को सुरक्षित अंदर बंद कर दिया और आरब को बचाने उसके पीछे भाग गयी।। इस दौरान बड़ा भालू दरवाजा तोड़ने का प्रयास करता रहा। बच्चों के शोर मचाने और शिक्षकों के पहुंचने पर भालू जंगल की ओर भाग गए। घटना से विद्यालय में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर ग्राम प्रधान रिंकी देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण व अभिभावक विद्यालय पहुंचे। मौके पर केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग, नागनाथ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी, उप वन क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र नेगी, वन कर्मी, उप शिक्षा अधिकारी नेहा भट्ट, राजस्व निरीक्षक प्रदीप रावत व सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मी पहुंचे। दोनों छात्रों को प्राथमिक उपचार दिया गया। सीएचसी के चिकित्सक डॉ. बिरजू ने बताया कि आरब पुंडीर के हाथ पर हल्के निशान हैं। दिव्या के सिर पर हल्की खरोंच आई है। दोनों की स्थिति सामान्य है।
वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए दो स्थानीय लोगों को मानदेय पर तैनात किया जाएगा। जो छात्रों को घर से विद्यालय लाने व छुट्टी के बाद सुरक्षित छोड़ने का कार्य करेंगे। क्षेत्र में गश्त भी बढ़ा दी गई है।
उप शिक्षा अधिकारी नेहा भट्ट ने बताया कि सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय को दो दिन के लिए बंद किया गया है। दो दिनों में बच्चों की आन लाईन पढ़ाई होगी। एसएमसी व अभिभावकों के सुझाव पर विद्यालय का समय सुबह 11 से 2 बजे करने का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा जा रहा है। विद्यालय परिसर से 200 मीटर तक झाड़ियों की सफाई कराई जाएगी। ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था की मांग की है। उपजिलाधिकारी अबरार अहमद ने कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के लिए वन विभाग को सख्त निर्देश दिए गये है।
