गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के कर्णप्रयाग विकास खंड के उतरौं गांव के अनुसूचित जाति के परिवार पीएमजीएसवाई विभाग के हिलाहवाली के चलते एक वर्ष से पीने के पानी के लिए मोहताज हो रखे हैं। इस संबंध में ग्रामीणों ने एक ज्ञापन जिलाधिकारी चमोली को सौंप कर क्षतिग्रस्त पेयजल योजना के सुधारीकरण किये जाने तक वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था किये जाने की मांग की है।
उतरौं के ग्राम प्रधान अनिल कुमार डिमरी, शशि देवी, वंदना देवी का कहना है कि उतरौं में अनुसूचित जाति के लगभग 40 परिवार निवास करते है। जिनके लिए जल निगम की ओर से पेयजल लाइन विछाई गयी थी लेकिन पीएमजीएसवाई की ओर से निर्माणाधीन लंगासू-उल्फाडा-उतरौं-कांडा मैखुरा मोटर मार्ग के कारण एक वर्ष पूर्व पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। ग्रामीणों ने इसके सुधारीकरण के लिए पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को पत्र सौंपा लेकिन विभाग की ओर से कोई सुधारीकरण का कार्य नहीं किया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस पेयजल लाईन के सुधारीकरण पर चार लाख रुपये खर्च आ रहा है जिसका आंगणन शासन को भेजा गया है। विभाग की इस हिलाहवाली के चलते एक वर्ष से अभी तक पेयजल लाइन का सुधारीकरण नहीं किया गया। जिससे ग्रामीणों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण नदी से पानी ढोने के लिए मजबूर हो रहे है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि जब तक पेयजल लाइन का सुधारीकरण नहीं हो जाता है तब तक पानी की वैकल्पिक व्यवस्था किये जाने के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाए। ज्ञापन देने वालों में प्रधान अनिल कुमार डिमरी, वंदना देवी, मुन्नी देवी, प्रीति देवी, आशा देवी आदि शामिल थे।
