पोखरी (चमोली)। पोखरी तहसील में 50प्लस से अधिक उम्र के पुरूषों और महिलाओं के जन्म तिथि प्रमाण पत्र न बनने से लोग परेशान हो चले है। दरअसल तमाम सैन्य अभिलेखों में बच्चों और पत्नियों के नाम तथा जन्म तिथि तो दर्ज हो रखे है किंतु आधार पर तथा पैन कार्ड न होने के चलते दर्ज नाम और जन्म तिथि में भिन्नता पाई जा रही है। इसके चलते पारिवारिक लाभ अर्जित करने के लिए दोनों जगह सैन्य अभिलेखों, आधार कार्ड तथा पैन कार्ड में एक जैसे नाम और जन्म तिथि दर्ज होनी जरूरी है।
50 साल बाद के महिला तथा पुरूषों जिनकी स्वयं अपने अथवा पत्नियों के सैन्य अभिलेखों में नाम दर्ज करने के लिए आंग्ल भाषा में एक जैसा नाम व स्पेलिंग तथा एक जन्म तिथि होनी चाहिए। इनकी आवश्यकता तब से पड़ने लगी है जब से सभी डाक्यूमेंट ऑनलाइन होने लगे है। 50 प्लस से अधिक महिलाएं तथा पुरूषों के पढ़े लिखें न होने के कारण शिक्षा का कोई प्रमाण पत्र न होने के चलते अब उनका स्थाई निवास प्रमाण पत्र भी नहीं बन पाएगा। बिना स्थाई निवास प्रमाण पत्र के आधार कार्ड में संशोधन भी नहीं हो सकेगा।
पोखरी तहसील में एक ऐसा ही मामला राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्र सिमलासू के ग्राम सेरा की सीता देवी पुत्री रत्न सिंह का आया है। उसका ससुराल रुद्रप्रयाग जिले के कोठगी-भटवाड़ी में है। इसमें उसने जनपद चमोली में अपने मायके से जन्म प्रमाणपत्र के लिए आवेदन तीन महीने पूर्व किया है। सीता देवी की जन्म की पुष्टि उससे अधिक उम्र के लोगो ने अपने आधार कार्ड लगाकर की है। इसमें संबंधित अधिकारियो व कर्मचारियों की रिपोर्ट जब तहसील में आयी और एसडीएम की संस्तुति के बाद विकास खंड द्वारा ऑन लाइन प्रमाण पत्र दिया जाना था किंतु तहसील से यह आदेश जारी ही नहीं हो पाया।
पोखरी के एसडीएम का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे आरके पांडेय का कहना है कि इतने पुराने लोगों की जन्म तिथि कौन अधिकारी और कर्मचारी बेरिफाई करेगा वे अपने पेंशन पट्टे या खाता खतौनी और परिवार रजिस्टर की नकल लगाकर स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनाएं। फिर आधार कार्ड और पेन कार्ड में नाम संशोधन हो पाएगा।
