गोपेश्वर (चमोली)। थराली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नंदानगर ब्लाॅक को भी ओबीसी आरक्षण की परिधि में लाने का मामला सुलगने लगा है। बताते चलें कि वर्ष 2016 में बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ज्योतिर्मठ ब्लाॅक को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की परिधि में लाने के लिए जोरदार जनांदोलन चला था। ज्योतिर्मठ को ओबीसी आरक्षण की परिधि में लाने वाले पैरोकारों का कहना था कि समूचे ज्योतिर्मठ ब्लाॅक को जनजाति क्षेत्र घोषित किया जाना चाहिए। चूंकि यह मांग केंद्र सरकार से संबंधित थी तो सभी लोगों ने ओबीसी आरक्षण की मांग कर गेंद को राज्य सरकार के पाले में फेंक दिया। तत्कालीन मंत्री व बदरीनाथ के विधायक रहे राजेंद्र सिंह भंडारी ने भी ज्योतिर्मठ के लोगों की मांग पर हां पर हां भरी। इसी दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत को उर्गम घाटी के दौरे पर आना था। केदारनाथ में मौसम की खराबी के चलते वे उर्गम घाटी नहीं आ पाए और उन्होंने वर्चुअल माध्यम से उर्गम घाटी के लोगों को संबोधित किया। इसी दौरान तत्काली मंत्री राजेंद्र भंडारी ने सीएम रावत से ज्योतिर्मठ ब्लाॅक को ओबीसी आरक्षण की परिधि में लाने की मांग उठाई। लगे हाथ हरीश रावत ने इस मांग को पूरा करने की घोषणा कैबिनेट मंत्री भंडारी के माध्यम से बतौर सीएम प्रतिनिधि करवा डाली। इसके बाद राज्य सरकार ने ज्योतिर्मठ ब्लाॅक को ओबीसी आरक्षण की परिधि में लाने का शासनादेश जारी कर दिया। इसी दौर में विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई और ज्योतिर्मठ में विपक्षियों ने इस सवाल को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए तो कांग्रेस को चुनाव में ज्योतिर्मठ ब्लाॅक से मात खानी पड़ी। बहरहाल चुनाव निपटने के पश्चात ज्योतिर्मठ के लोगों के ओबीसी प्रमाण पत्र बनने लगे और मौजूदा दौर जोशीमठ के लोग ओबीसी आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। कहा जा सकता है ज्योतिर्मठ ब्लाॅक के लोगों को अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा ओबीसी आरक्षण का लाभ मिल रहा है। यानि सभी वर्गों के लोग आरक्षण व्यवस्था से आच्छादित हो चले हैं।
नंदानगर ब्लाॅक भी शैक्षणिक, सामाजिक तथा आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में है। इसके चलते अब नंदानगर ब्लाॅक को भी अन्य पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने की मांग उठ खड़ी हो गई है। नंदानगर प्रधान संगठन के संरक्षक व राजबगठी के प्रधान महावीर सिंह रावत ने 19 मार्च को हुई नंदानगर की बीडीसी बैठक में यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि ज्योतिर्मठ ब्लाॅक बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब लोकपाल, फूलों की घाटी आदि का प्रमुख क्षेत्र है। इस क्षेत्र के लोगों की आर्थिकी वैसे भी सुदृढ़ है। इसलिए यदि ज्योतिर्मठ ब्लाॅक को अन्य पिछड़ा क्षेत्र घोषित किया जा सकता है तो नंदानगर ब्लाॅक क्यों नहीं। उन्होंने यहां तक कहा कि मौजूदा समय में जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट भाजपा से जुड़े हुए हैं। ब्लाॅक प्रमुख भी भाजपा की ही है। इसलिए इस मांग को मनवाने के लिए उन्हें सभी लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए। इस तरह का सवाल उठने से इस बात के संकेत मिल गए हैं कि आने वाले दिनों में नंदानगर ब्लाॅक को अन्य पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने की मांग जोर पकड़ेगी। कहा जा सकता है कि नंदानगर ब्लाॅक में भी ओबीसी का मामला सुलग गया है।
