पोखरी (चमोली)। अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संगठन चमोली की एक बैठक कर्णप्रयाग में जिलाध्यक्ष नरेंद्र रावत की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि संसाधनों के अभाव एवं लगातार हो रहे पलायन के कारण विद्यालयों में छात्रों की संख्या निरंतर घटती जा रही है। अशासकीय विद्यालयों को समग्र शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं से वंचित रखा गया है। जो सरकार एवं विभाग के सौतेले रवैये को दर्शाता है। बैठक का संचालन करते हुए जिला महामंत्री दीप चंद्र सती ने सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से अपनाए जा रहे भेदभावपूर्ण व्यवहार की कड़ी निंदा की। जिलाध्यक्ष नरेंद्र रावत ने शिक्षकों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अशासकीय विद्यालयों के प्रांतीयकरण की मांग उठाई।
संगठन की ओर से शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत को ज्ञापन भेजकर अशासकीय विद्यालयों के प्रांतीयकरण, मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियुक्ति की मांग की गई। बैठक में प्रांतीय उपाध्यक्ष पूरण सिंह फसण, संरक्षक मदन मैखुरी, कोषाध्यक्ष गौरव पुरोहित सहित आशीष देवली, अनूप तिवारी, शंकर राम, राजेश पंत एवं संतोष कैलखुरी ने भी अपने विचार रखे।
