15 से अधिक बार काॅल करने पर भी आयोग के सचिव ने फोन नहीं उठाया
गोपेश्वर (चमोली)। एक ओर प्रदेश में कोरोना संक्रमण तेजी के साथ फैल रहा है। वहीं उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग सहायक अध्यापक (एलटी) की परीक्षा करवाने आमादा है। जिससे 50 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य पर कोरोना का ग्रहण लग सकता है। अभ्यर्थियों ने आयोग से 25 अप्रैल को निर्धारित परीक्षा तिथि को आगे बढ़ाने की मांग की है। इस संबंध में मंगलवार को गोपेश्वर में आन लाइन के माध्यम से बेरोजगारों ने एक बैठक भी आहुत की।
बीएड प्रशिक्षित राजेश, हरीश चंद्र सिंह खाती, चंदन, त्रिलोचन, मीना, पूजा का कहना है कि उत्तराखंड में एलटी की परीक्षा चार साल बाद ऐसे समय में आयोजित की जा रही है जबकि प्रदेश में कोरोना का संकट बढ़ता जा रहा है। साथ ही कई अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी के लिए मैदानी जिलों जिनमे देहरादून, हल्द्वानी सहित अन्य क्षेत्रों में गये हुए है। तथा परीक्षा के लिए इन्हें अपने-अपने गृह जनपदों में वापस लौटना है। बताया कि कई अभ्यर्थी कोरोना ग्रसित भी हो चुके है। जिससे उन्हें परीक्षा से वंचित होना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि 25 अप्रैल को ही एफआरआई में होने वाली एमटीएस की परीक्षा को कोरोना संक्रमण को देखते हुए रद्द कर दिया गया है। लेकिन आयोग ने अभी तक इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया है और परीक्षा आयोजित करवाने में अड़ा हुआ है। जो कि प्रशिक्षित बेरोजगारों के साथ एक खिलवाड़ है। उन्होंने आयोग से परीक्षा को जून अथवा जुलाई में करवाने की मांग की है।
इस संबंध में जब जानकारी के लिए आयोग के सचिव से दूरभाष पर बात करनी चाही तो उन्होंने काॅल नहीं उठायी। उन्हें लगभग 15 से अधिक बार काॅल की गई।
