गोपेश्वर (चमोली)। जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी ने शुक्रवार को पॉलीगन कार्य की समीक्षा करते हुए विभाग अपनी परिसंपत्तियों का चिह्निकरण कर उनका सीमांकन करने के निर्देश दिए।
डीएम तिवारी ने विभागवार पॉलीगन कार्य की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शीघ्र परिसंपत्तियों का चिन्हीकरण व सीमांकन कर अपने विभाग की सभी परिसंपत्तियों की सीमाओं को निर्धारित पोर्टल में समय से अपलोड करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता के तहत विभागीय परिसंपत्तियों की निगरानी के लिए इसे प्राथमिकता से किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को जिला स्तर पर पोर्टल में डेटा अपलोड करने में हो रही समस्याओं का समाधान करने के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को पॉलिगन कार्य की प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने और उप जिलाधिकारियों को कार्य में तेजी लाते हुए शीघ्र निस्तारण करने को कहा।
बैठक में ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तराखंड गवर्नमेंट एसेट मैनेजमेंट पोर्टल के तहत सभी विभागों की परिसंपत्तियों का पॉलिगन तैयार किया जा रहा है। विभागों की ओर से 90 फीसदी पॉलिगन तैयार कर लिया गया है। बताया कि जनपद में सभी विभागों के 11 हजार 142 परिसंपत्तियों का पॉलिगन किया जा जाना है। इसमें से वर्तमान तक 9 हजार 986 परिसंपत्तियों का पॉलिगन कार्य पूर्ण हो गया है। 1156 परिसंपत्तियों का पॉलिगन कार्य शेष है। कहा कि जनपद में राजस्व विभाग की सर्वाधिक 1145 परिसंपत्तियों का पॉलिगन किया जाना अभी बाकी है। वन विभाग की 87, स्वास्थ्य विभाग की 15, लोनिवि की 7 परिसंपत्तियों का पॉलिगन कार्य अभी तक नहीं हो पाया है।
इस दौरान पुलिस उपधीक्षक अमित सैनी, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अभिषेक गुप्ता, वन प्रभाग के एसडीओ विकास दरमोड़ा, प्रियंका सुंडली, जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़, उद्यान विभाग के योगेश भट्ट आदि मौजूद रहे। जनपद के सभी उप जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।
