बदरीनाथ (चमोली)। भू-बैकुंड बदरीनाथ धाम के कपाट शनिवार को विधि विधान से शाम छह बजकर 45 मिनट पर शीतकाल के लिये बंद कर दिये जाएंगे। जिसे लेकर धाम में देवस्थानम बोर्ड ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जहां मंदिर परिसर को गेंदे के फूलों से सजाया गया है, वहीं शुक्रवार को धाम में कपाट होने की प्रक्रियाओं के तहत कढाई भोग का आयोजन कर माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना के बाद माता लक्ष्मी को गर्भगृह प्रवेश के लिये न्यौता दिया गया।
शुक्रवार को ब्रह्म मुहूर्त में बदरीनाथ धाम के कपाट नित्य प्रति के भांति खोले गये। जिसके बाद धाम में भगवान बदरी विशाल की पूजाएं गुप्त मंत्रों के साथ पूर्ण की गई। जिसके बाद यहां मंदिर परिसर में स्थित लक्ष्मी मंदिर में मंदिर के मुख्य पुजारी ईश्वर प्रसाद नम्बूरी ने लक्ष्मी मंदिर में माता लक्ष्मी की विशेष पूजाएं कर भोग लगाया गया। इस दौरान उन्होंने माता लक्ष्मी को शीतकाल के लिये बदरीनाथ मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश के लिये न्यौता भी दिया, वहीं मंदिर समिति के कर्मचारियों की ओर से मंदिर परिसर को गेंदे के फूलों से सजाया जा रहा है। यहां अखंड ज्योति के दर्शनों के लिये बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन उनयिल ने बताया कि शनिवार को ब्रहम मुहूर्त में बदरीनाथ मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। जिसके बाद यहां दैनिक पूजाओं का आयोजित किया जाएगा, वहीं शनिवार को पूरे दिन मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिये खुले रहेंगे।
