बदरीनाथ (चमोली)। बदरीनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत नमामि गंगे की ओर से कारपोरेट सोशियल रिस्पांसबिल्टी के तहत श्री बदरीनाथ धाम में स्नान घाटों के संरक्षण के लिए कार्य शुरू कर दिया है। मंगलवार को बदरीनाथ में उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह ने औपचारिक रूप पूजा- अर्चना नारियल एवं प्रसाद मां अलकनंदा (गंगा) को भेंट कर स्नान घाटों के विकास एवं संरक्षण कार्य की विधिवत शुरूआत की।
बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल एवं पंडित सुधाकर उनियाल ने स़ंक्षिप्त पूजा संपन्न करवायी। धर्माधिकारी ने बताया कि धार्मिक प्रमाण के आधार पर गांधी घाट का असली नाम श्री उद्धव घाट है सुझाव दिया कि श्री उद्धव घाट के नाम से संबोधित किया जाना चाहिए। इस अवसर पर नमामि गंगे (वेबकास) के प्रोजेक्ट मैनेजर अंकुर सिंह चैधरी ने देवस्थानम बोर्ड का आभार जताया कहा कि नमामि गंगे की ओर से तीर्थ क्षेत्र में स्नान घाटों का सौंदर्यीकरण, संरक्षण, विकास हो सकेगा। बताया कि नमामि गंगे ने श्री बदरीनाथ धाम में अपना कार्यालय भी शुरू किया है। बताया कि सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए इंडोरामा ट्रस्ट की ओर से वित्तीय सहयोग किया जा रहा है। इस मौके पर नमामि गंगे के अवर अभियंता अखिलेश कुमार एवं राहुल वेद, बाला जी इंफ्राटेक के एमडी संजय चैहान, नगर पंचायत बदरीनाथ के ईओ सुनील पुरोहित, देवस्थानम बोर्ड के कमेटी सहायक संजय भट्ट आदि मौजूद रहे।
