गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के कर्णप्रयाग विकासखंड के खडगोली में बुधवार को कर्णभूमि किसान उत्पादक स्वायत्त सहकारिता की प्रबन्धकारिणी समिति की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें समूह के सदस्यों के क्षमता विकास पर चर्चा की गई।
खडगोली गांव में आयोजित बैठक में कर्णप्रयाग विकाखण्ड के गौचर, नौटी, सोलना, कनखुल कलस्टर के गांवों के उत्पादक समूह सदस्यों एवं सहकारिता के सदस्यों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर हिमाद के सचिव उमाशंकर बिष्ट ने कहा कि पारस्परिक लाभ एंव सामूहिक जीविकोपार्जन के लिए समूह मुख्य आधार है तथा समूह की आवश्यता हमारे दैनिक जीवन से जुडी होती है, इसलिए समूह में कार्य करने वाले सदस्यों की क्षमता विकास होना नितान्त आवश्यक है। उन्होने किसान उत्पादक समूहों को स्थानीय कृषि उत्पादों के उत्पादन में बढावा देने के साथ ही पहाडी कृषि उत्पादनों के महत्व की जानकारी भी दी। उन्होने कहा कि हिमोत्थान सोसायटी देहरादून एवं टाटा टस्ट्र के माध्यम से ग्रामस्तर पर किसान उत्पादक समूहों के सदस्यों को स्थानीय संसाधनों पर आधारित स्वरोगार के उद्यमों को विकसित करने में डेरी, फल प्रस्करकरण, मुर्गी पालन, बागवानी, बकरी पालन, पशुपालन, कृषि उत्पादनों का संग्रहण, विपणन, मशरूम उत्पादन आदि व्यवसायों को बढाने के लिए तकनीकी सहयोग दे रही है। उन्होने कहा कि उघु उद्यमों को विकसित कर सहकारिता के माध्यम से ग्राम स्तर पर स्वरोगार के अवसर प्राप्त हो सकते है। उन्होने स्वरोगार के लिए आगामी वर्ष के लिए सहकारिता के साथ कार्य योजना निर्माण भी की।
इस अवसर पर उद्यमी बीरेन्द्र सिंह रावत ने अपने अनुभवों का साक्षा करते हुये कहा कि जल, जंगल, जमीन का प्रबन्धन और तकनीकों का उपयोग कर हम ग्राम स्तर पर आजिविका के संसाधन उपलब्ध कर सकते है। उन्होने कहा कि आर्थिक मजबूती से ही हम अपने और गांव के विकास में योगदान कर सकते है। उन्होने कहा कि सहकारिता महिलाओ को व्यवसायों के संचालन प्रबन्धन और कौशल विकास के लिए मील का पत्थर साबित हुयी है। आवश्यकता इस बात की है कि हम अपने संसाधनों की पहचान कर तकनीकी ज्ञान से स्वरोगार प्राप्त कर सकते है। बैठक में कर्णभूमि किसान उत्पादक स्वायत्त सहकारित की अध्यक्षा बीना तिवारी, भूपेन्द्र गुसाई, संदीप चौहान, पंकज पुरोहित, काजल रावत, सहकारिता के सचिव, भागेश्वरी देवी, लीला देवी, पार्वती देवी, इन्दु देवी, अनीता नगवाल, संगीता देवी, सुनीता देवी महिला मंगल दल अध्यक्ष खडगोली राजेश्वरी देवी आदि मौजूद थे।
