गोपेश्वर (चमोली)। जिलाधिकारी चमोली स्वाति एस भदौरिया ने गुरूवार को आयुष रक्षा कार्यक्रम के तहत आयुष रक्षा किट रथ को हरी झंडी दिखाकर क्लेक्ट्रेट परिसर से रवाना किया। कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए आयुष रथ के माध्यम से आयुष किट का वितरण एवं घरेलू उपचार के बारे में प्रचार प्रसार किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कोविड की रोकथाम में इस अभियान को महत्वपूर्ण बताते हुए फ्रंट लाइन वर्कस, होम आइसोलेट मरीजों, संपर्क में आए हाई रिस्क व्यक्तियों एवं जन सामान्य को आयुष किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा. एसके रतूडी ने बताया कि चमोली के फ्रंड लाइन वर्कर के लिए दस हजार आयुष किट का वितरण किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें से चार हजार किट अब तक आयुर्वेदिक एवं यूनानी कार्यालय को प्राप्त हुई है। प्रत्येक किट में एक व्यक्ति के लिए 15 दिनों के लिए गिलोय, वासा, त्रिकूट, तुलसी व मुलेठी से निर्मित आयुष रक्षा कूका क्वाथ चूर्ण, संशमनी वटी व अश्वगंधा वटी रखी गई है। कूका क्वाथ चूर्ण का काडा खांसी, जुकाम से निजात दिलाता है। वही संशमनी वटी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने तथा अश्वगंधा वटी शारीरिक ताकत बढाने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि कोरोना से लडने का सबसे अच्छा तरीका इम्यूनिटी पावर बढाना और मानसिक बल को मजबूत बनाए रखना है। आयुष रक्षा किट इम्युनिटी पावर बढाने में कारगर है। इसके लिए लोगों को आयुर्वेदिक आहार व्यवहार अपनाने की सलाह दी जा रही है। साथ ही योग करने की भी लोगों को सलाह दी है। इस अवसर पर आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग के चिकित्सा अधिकारी/नोडल अधिकारी डा. दशमंत पाल, जिला होमोपैथिक अधिकारी डा. केएन उनियाल, महिला चिकित्सा अधिकारी डा. तरूणा नेगी, फार्मेसिस्ट नीलम वत्र्वाल, सूरज पाल सिंह कठैत आदि मौजूद थे।
